बच्चा गोद लेने वाली मां को भी अब मातृत्व अवकाश का लाभ
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कानपुर समेत देशभर की ऐसी महिला कर्मचारियों को भी 26 सप्ताह का मातृत्व हित लाभ अवकाश दिया जाएगा, जिन्होंने बच्चा गोद लिया है। अभी तक बच्चे को जन्म देने वाली महिला कर्मचारी को ही मातृत्व हित लाभ अवकाश मिलता था।
अब बच्चा गोद लेने वाली ‘यशोदा’ के साथ सरोगेट मदर को भी अवकाश लाभ दिया जाएगा। मातृत्व अवकाश अधिनियम 1961 के तहत अभी तक एक कामकाजी महिला को 12 सप्ताह का अवकाश मिलता है।
भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय मंत्री सुखदेव मिश्रा ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस अधिनियम में संशोधन किया है। इस संबंध में श्रम मंत्रालय की 9 दिसंबर को हुई बैठक के बाद ये सिफारिशें की गई हैं। सिफारिशों का गजट नोटिफिकेशन प्रस्ताव भेज दिया गया है।
पालना गृह खोलने की सिफारिश की गई
गजट नोटिफकेशन के साथ ही ये व्यवस्था कानपुर समेत पूरे देश में लागू कर दी जाएगी। इसके अलावा जिन कारखानों में 30 महिला कर्मचारी कार्यरत हैं। वहां पर अनिवार्य रूप से पालना गृह खोलने की सिफारिश की गई है।
ऐसे कारखाने, जहां पर 50 कर्मचारियों में से एक महिला कर्मचारी है तो उस क्षेत्र के एक किलोमीटर के दायरे में सामुदायिक पालना केंद्र की स्थापना की जाएगी।
महिला कर्मचारियों को ये सुविधाएं मिल सकें, इसके लिए सेवायोजकों की भी जिम्मेदारी तय की गई है। उन्होंने दावा कि किया कि नैचुरल मदर के अलावा गोद लेने वाली महिला को मातृत्व हित लाभ अवकाश 26 सप्ताह दिए जाने वाला विश्व का पहला देश होगा। अभी तक जर्मनी में महिला कर्मचारियों को 16 सप्ताह का मातृत्व हित लाभ अवकाश दिया जाता है।