15 दिनों के लिए मंगलयान से टूट जाएगा धरती का संपर्क,
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मंगल के चक्कर लगा रहा देश का पहला मंगलयान सोमवार से अगले 15 दिनों तक धरती के संपर्क में नहीं रहेगा। दरअसल आठ जून से लेकर 22 जून तक मंगल और पृथ्वी के बीच सूरज आ जाएगा।
इससे यान का धरती से संपर्क बाधित हो जाएगा और इसकी वजह से धरती से संपर्क टूट जाएगा। हालांकि इस दौरान भी यान स्वचालित मोड में अपना काम जारी रखेगा और खुद ही निर्देशित होगा।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह पहली बार है जब इतने लंबे समय के लिए मंगलयान का संपर्क धरती से टूट रहा है। इस दौरान यान से किसी भी तरह का संपर्क कर पाना संभव नहीं हो सकेगा।
स्थिति से निपट लेगा यान
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति की जांच पहले भी की गई है। इसलिए ये पक्का है कि 15 दिन के बाद इससे फिर संपर्क हो जाएगा। यान इस स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
वैसे तो मंगलयान के छह महीने मार्च में पूरे हो गए हैं, लेकिन इसमें ईंधन बचे होने की वजह से इसके कार्यकाल को आगे बढ़ाया गया। इस यान को 450 करोड़ रुपये की कम लागत में तैयार किया गया है।
इसके साथ भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में इतिहास रचते हुए पिछले साल 24 सितंबर को इसे सफलतापूर्वक लाल ग्रह की कक्षा में स्थापित किया था। पहले ही प्रयास में सफल होकर भारत तीन देशों के प्रतिष्ठित क्लब में शामिल हो गया।
आगे भी हो सकती है ये घटना
अब तक के अभियानों से मिले आंकड़ों के आधार पर कहा गया है कि मंगल पर जल स्रोत, मीथेन तथा खनिज के अपार भंडार होने की संभावना है।
इसरो अधिकारी ने बताया कि अगर मंगलयान की कार्यकाल की अवधि बढ़ाई जाती है, तो अगले साल मई में भी ऐसी ही स्थिति आ सकती है।
उन्होंने जानकारी दी कि अगले साल मई में सूरज और मंगल के बीच पृथ्वी आएगी, जिसकी वजह से फिर मंगलयान का धरती से संपर्क टूट जाएगा।