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‘मून मैन’ बोले, पब्लिसिटी स्टंट है मंगल मिशन
बंगलूरू/एजेंसी
Updated Wed, 24 Jul 2013 11:08 PM IST
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देश के ‘मून मैन’ कहे जाने वाले इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी माधवन नायर ने 450 करोड़ रुपये के आगामी मंगल मिशन को महज एक पब्लिसिटी स्टंट करार दिया है।
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व चीफ ने कहा कि इसरो जिस मिशन को बेहद महत्वपूर्ण बता रहा है, वह एक पब्लिसिटी स्टंट से ज्यादा कुछ नहीं है।
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नायर छह वर्ष तक इसरो अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव रहे। इस दौरान उन्होंने 25 सफल अंतरिक्ष मिशन को पूरा किया, जिसमें भारत का चांद पर भेजा गया पहला चंद्रयान-1 भी शामिल है।
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उन्होंने कहा कि देश इस समय कम्युनिकेशन ट्रांसपोर्टर की कमी से जूझ रहा है। इसरो को के कस्तूरीरंगन कमेटी की सिफारिशों को मानकर इस मुद्दे का समाधान ढूंढना चाहिए।
नायर ने कहा, ‘अगर मंगल मिशन को लांच किया भी जाता है, तो यह एक और पीएसएलवी लांच से ज्यादा कुछ नहीं होगा। मंगल से जानकारी हासिल करने के लिए हमें आठ महीने तक का इंतजार करना होगा। यह एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर वैज्ञानिक समुदाय द्वारा गंभीर रूप से समीक्षा करने की जरूरत है।’
उनके मुताबिक जीएसएलवी को वाहन चुना गया था क्योंकि यह 1800 किग्रा की सेटेलाइट को ले जाने की क्षमता रखता है। यह एक दर्जन से ज्यादा उपकरण मुहैया करा सकता है और अंतरिक्ष यान को मंगल के इर्द-गिर्द की कक्षा में स्थापित कर सकता है।
मगर बहुप्रचारित मंगल ग्रह मिशन का भविष्य क्या होगा, यह किसी को नहीं पता। जीएसएलवी में आ रही समस्याओं को सुलझाने में दिक्कतें आ रही हैं, ऐसे में पीएसएलवी के साथ किया जा रहा है, इस पर अध्ययन किया जा रहा है। ईंधन सीमाओं के चलते यह ज्यादा कारगर नहीं है।
हाल ही में इसरो चेयरमैन ने दावा किया था कि मंगल मिशन सिर्फ वाहवाही लूटने के लिए नहीं है बल्कि हमारा लक्ष्य सार्थक अनुसंधान पर है।