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शादीशुदा बेटी भी नौकरी की हकदार
अमर उजाला, मुंबई
Updated Sun, 08 Dec 2013 02:16 AM IST
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एक अहम फैसले में बंबई हाईकोर्ट ने कहा है कि पिता के निधन के बाद अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए एक शादीशुदा बेटी भी बराबर की हकदार है।
अदालत ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के निधन के बाद उनकी अविवाहित बेटियों को नौकरी देना, लेकिन शादीशुदा बेटियों को ऐसा मौका नहीं देना समानता के अधिकार, सरकारी नौकरियों में अवसर की समानता के अधिकार और जीवन के अधिकार का उल्लंघन है।
अदालत ने यह फैसला 29 वर्षीय स्वाती कुलकर्णी की याचिका पर सुनाया है। महाराष्ट्र सिंचाई विभाग ने पिता के निधन के बाद स्वाती के शादीशुदा होने के कारण उन्हें नौकरी देने से इंकार कर दिया था। स्वाती ने सिंचाई विभाग के इस फैसले को चुनौती दी थी। स्वाती के पिता अशोक कुलकर्णी का सेवा में रहते हुए 2008 में निधन हो गया था।
उनकी मां और छोटी बहन ने नौकरी लेने में रुचि नहीं दिखाई, जिसके बाद स्वाती ने नौकरी के लिए दावा किया। उनका नाम वेटिंग लिस्ट में रख दिया गया। लेकिन तब तक उनकी शादी हो गई और सिंचाई विभाग ने नाम हटा दिया।
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उन्होंने सिंचाई विभाग के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। जस्टिस एससी धर्माधिकारी और जस्टिस रेवती मोहिते देरे की खंडपीठ ने स्वाती का नाम वेटिंग लिस्ट में शामिल करने का आदेश दिया।
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अदालत ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के निधन के बाद उनकी अविवाहित बेटियों को नौकरी देना, लेकिन शादीशुदा बेटियों को ऐसा मौका नहीं देना समानता के अधिकार, सरकारी नौकरियों में अवसर की समानता के अधिकार और जीवन के अधिकार का उल्लंघन है।
अदालत ने यह फैसला 29 वर्षीय स्वाती कुलकर्णी की याचिका पर सुनाया है। महाराष्ट्र सिंचाई विभाग ने पिता के निधन के बाद स्वाती के शादीशुदा होने के कारण उन्हें नौकरी देने से इंकार कर दिया था। स्वाती ने सिंचाई विभाग के इस फैसले को चुनौती दी थी। स्वाती के पिता अशोक कुलकर्णी का सेवा में रहते हुए 2008 में निधन हो गया था।
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उनकी मां और छोटी बहन ने नौकरी लेने में रुचि नहीं दिखाई, जिसके बाद स्वाती ने नौकरी के लिए दावा किया। उनका नाम वेटिंग लिस्ट में रख दिया गया। लेकिन तब तक उनकी शादी हो गई और सिंचाई विभाग ने नाम हटा दिया।
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उन्होंने सिंचाई विभाग के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। जस्टिस एससी धर्माधिकारी और जस्टिस रेवती मोहिते देरे की खंडपीठ ने स्वाती का नाम वेटिंग लिस्ट में शामिल करने का आदेश दिया।