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भारत में शादी को अनुबंध नहीं माना जाता: अश्विनी

Sun, 10 Mar 2013 01:13 AM IST
मुंबई/एजेंसी
मुंबई/एजेंसी Updated Sun, 10 Mar 2013 01:13 AM IST
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marriage is not deemed as a contract in india says ashwani kumar

नए अध्यादेश में पति द्वारा बलात्कार को अपराध न माने जाने का कारण बताते हुए केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने कहा कि अन्य प्रजातांत्रिक देशों की तरह भारत में शादी को अनुबंध नहीं माना जाता है।

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इंडियन मर्चेंट चैंबर द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कानून में समकालीन वास्तविकताएं अवश्य दिखनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी एक घटना को दिमाग में रखकर कानून को बनाया या संशोधित नहीं किया जाना चाहिए। कानूनों को इस तरह बनाया जाना चाहिए कि दशकों तक सभी मामलों को सुलझाया जा सके।
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कानूनों में उस वक्त की सामाजिक सच्चाइयां दिखनी चाहिए और वह देश की प्रगति में सहायक हों व पतन को रोकें।

महिलाओं के विरुद्ध अपराध रोकने के लिए बनाए गए अध्यादेश में हमने कई कारणों से वैवाहिक बलात्कार को नहीं शामिल किया।

उसका एक प्रमुख कारण यह है कि हमारे देश में अन्य प्रजातांत्रिक देशों की तरह विवाह को अनुबंध नहीं माना जाता। लेकिन अलग होने के बाद यदि पति उसके साथ बलात्कार करता है तो उसे गिरफ्तार किया जा सकता है।
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कुमार ने कहा कि अगले सप्ताह यह अध्यादेश कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। पिछले साल दिसंबर में पूरे समाज को हिलाकर रख देने वाले दिल्ली में हुए गैंगरेप के बाद सरकार ने रिकॉर्ड समयसीमा में यह अध्यादेश तैयार किया है।


यह आत्मनिरीक्षण व प्रतिबिंबित करने की जरूरत है कि कानूनों का दुरुपयोग न किया जा सके । यदि कानून में कोई कमी होगी तो इसका उल्लंघन बढ़ेगा। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि दहेज विरोधी कानून का काफी दुरुपयोग हो रहा है।

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