'बाल ठाकरे ने छुड़ाया था प्रोड्यूसर के चंगुल से'
मराठी थियेटर और फिल्म अभिनेत्री सुप्रिया पठारे ने एक चौकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि उन्हें एक फिल्म निर्माता ने फिल्म की शूटिंग के दौरान बंधक बना लिया था। इस फिल्म की शूटिंग राजस्थान में हो रही थी। पठारे ने बताया कि उन्हें शिवसेना प्रमुख बाला साहब ठाकरे के हस्तक्षेप के बाद ही छुडाया जा सका इसलिए वो इस अहसान को जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगी।
महिला सुरक्षा परिसंवाद के मौके पर बोलते हुए इस मराठी अभिनेत्री ने बताया कि राजस्थान में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके साथ किस तरह से धोखा किया गया था। उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म के निर्माता ने उन्हें प्रताड़ित किया था। हालांकि उन्होंने फिल्म निर्माता का नाम उजागर नहीं किया।
उन्होंने बताया कि वो शूटिंग पर अकेली थीं और अगले तीन महीने तक उनके फिल्म निर्माता ने उन्हें गन प्वाइंट पर बंधक बनाए रखा। पठारे ने बताया कि वो निर्माता की बंधक बन कर रह गईं थी और उन्हें सिर्फ अपने परिजनों से लैंड लाइन फोन पर ही बात करने की इजाजत थी।
पठारे बोली मराठी में बात नहीं करने देता था निर्माता
पठारे ने बताया कि उनके निर्माता ने उनसे कहा था कि वो अपने घर पर बात करने के दौरान मराठी में बात नहीं करेंगी। हालांकि उन्होंने किसी तरह से कोड लैंग्वेज में अपनी बहन तक अपनी बात पहुंचाने में कामयाब हो गई।
इसके बाद पठारे के परिवार वालों ने शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे से संपर्क किया और उनसे गुहार लगाई की वो उनकी मदद करें और राजस्थान के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कहकर उनकी बेटी को छुड़ाएं।
उन्होंने बताया, "एक दिन राजस्थान पुलिस के करीब 50 कांस्टेबल मेरे बारे में पूछते हुए फिल्म शूटिंग की जगह पर आए। मुझे बाद में मालूम चला कि इस मामले में बाल ठाकरे ने हस्तक्षेप किया था। इसके बाद मैं बिना रूके 20 घंटे की यात्रा कर सूरत पहुंची। आपको विश्वास नहीं होगा उस वक्त मेरे पास सिर्फ 12 रुपए थे।"