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मक्का भगदड़ में यूपी के मकबूल आलम की मौत

Fri, 25 Sep 2015 02:06 PM IST
Updated Fri, 25 Sep 2015 02:06 PM IST
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maqbool alam has died in hajj stampede 2015

हज की पाक यात्रा के दौरान मक्का में शैतान को पत्थर मारते समय हुई भगदड़ में चिलकहर विकास खंड के डुमरी गांव निवासी मकबूल आलम (65) की भी जान चली गई। यह जानकारी उनके साथ हज पर गए कस्बा के पुरानी मस्जिद निवासी शहनवाज ने अपने बड़े भाई सरफराज को फोन पर दी। सरफराज ने मकबूल आलम के घर वालों को इस दुखद घटना से अवगत कराया।

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खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। बता दें कि रसड़ा कस्बे के पुरानी मस्जिद निवासी शहनवाज अपनी अम्मी गौहरी खातून, ससुर मकबूल आलम और बड़ी साली कहकशां बानो के साथ हज करने मक्का गए हैं।
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अपनों का हाल जानने के लिए फिक्रमंद रहे लोग
मक्का में शैतान को पत्थर मारते वक्त मची भगदड़ में जहां फेफना के औंधी पियरियां निवासी मकबूल आलम (65) का इंतकाल हो गया वहीं उन जायरीनों के परिवार वाले भी कुशलक्षेम जानने को बेचैन रहे जिनके अपने हज की पाक यात्रा पर गए हैं। लोग एक तरफ जहां टीवी चैनल बदल-बदलकर ताजा जानकारी लेते रहे वहीं कई लोग फोन लगाकर भी हालचाल लेने में व्यस्त रहे। बलिया से कुल 142 लोग हज करने गए हैं।
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मक्का में गुरुवार को शैतान को पत्थर मारते समय मची भगदड़ में मकबूल आलम के जान गंवाने की सूचना उनके साथ मक्का गए कस्बे के पुरानी मस्जिद निवासी और मकबूल आलम के दामाद शहनवाज ने अपने बड़े भाई सरफराज को फोन पर दी। शहनवाज अपनी अम्मी गौहरी खातून, ससुर मकबूल आलम और बड़ी साली कहकसा बानो के साथ हज करने मक्का गए हैं।

हादसे के दौरान साथ गए अन्य लोगों को तो किसी तरह सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन मकबूल आलम भगदड़ में फंस गए। उनके परिवार में देर रात तक कोहराम मचा था। मकबूल आलम के घर लोगों की भीड़ जुटी थी। वे पीड़ित परिवार को ढाढ़स बधाने में जुटे रहे।

दूसरी ओर मक्का में भगदड़ के दौरान हुई मौतों की खबर मिलते ही सैकड़ों परिवार देर रात तक यह जानने के लिए परेशान रहे कि उनके परिवार और रिश्तेदार महफूज हैं या नहीं। जिले से कुल 142 जायरीन हज करने गए हैं। मक्का में हादसे के बाद सभी के घर वाले चिंतित हैं। लोग जहां टीवी पर ताजा हाल जानते रहे वहीं कई लोग मोबाइल और फोन से भी अपनों का हाल लेते रहे। जिन लोगों ने अपने परिवार वालों से बात कर कुशल-क्षेम जान लिया वे सुकून में थे, जबकि बाकी लोगों में बेचैनी साफ देखी गई।

अपनों की खैरियत जानने को दिन भर रहे फिक्रमंद

maqbool alam has died in hajj stampede 2015

मक्का में बकरीद के दिन शैतान को पत्थर मारने के दौरान भगदड़ की खबर सुन बनारस के जाइरीन के परिवार वाले परेशान हो उठे। अपनों की खैरियत जानने और राब्ता करने के लिए नाते रिश्तेदार सभी लग गए।

तमाम कोशिशों के बाद भी फोन पर किसी से संपर्क नहीं हो पा रहा था, ऐसे में वक्त के साथ साथ उनकी फिक्र बढ़ती गई। कुछ लोगों से वॉट्स ऐप के जरिए उनका हाल मिल पाया।

मक्का में कुर्बानी के बाद हाजियों का जत्था शैतान को पत्थर मारने के लिए मीना जा रहा था, इस दौरान ही सुबह दस बजे भगदड़ मच गई। हादसे में तीन सौ लोगों से ज्यादा की जान चली गई। जैसे ही यह खबर दोपहर में लोगों को पता चली।

लोग अपनों का हाल जानने को बेसब्र हो गए। औरंगाबाद के सादिक अमान अपनी मां और बीवी के साथ हज पर गए थे। उनके घर पर जब ये खबर लगी तो लोग परेशान हो उठे। कई बार उन्हें फोन किया गया लेकिन नेटवर्क की खराबी की वजह से उनसे संपर्क नहीं हो पाया, हालांकि इस बीच सादिक का वॉट्स ऐप पर मैसेज आया कि वो सुरक्षित हैं।

तब जाकर लोगों ने अल्लाह का शुक्र अदा कर चैन की सांस ली। इसी तरह मदनपुरा के अनवार अंसारी से बहुत मुश्किल से देर शाम संपर्क हो पाया। उन्होंने भी बताया कि वो लोग सुरक्षित हैं। पूर्वांचल हज सेवा समिति के मास्टर हज ट्रेनर अदनान खां ने बताया कि जहां पर ये हादसा हुआ था वहां पर अफ्रीका और अरब देश के लोग ठहराए गए थे जबकि भारतीयों को सौकुल अरब स्ट्रीट व जौहरा स्ट्रीट पर ठहराया गया है।

मक्का में मची भगदड़, काशी में दुआख्वानी
मक्का में गुरुवार को शैतान को पत्थर मारने के दौरान भगदड़ में मारे गए लोगों की मगफिरत के लिए दरगाह-ए-फातमान में दुआख्वानी हुई। मारे गए लोगों की मगफिरत के साथ ही घायल होने वाले हाजियों के जल्द से जल्द सेहतमंद होने की दुआएं मांगी गईं।

फातमान में शहीद-ए-करबला इमाम हुसैन द्वारा 1400 साल पहले मक्का के मैदान-ए-अरफात में मांगी गई दुआ-ए-अरफा के सिलसिले से भी दुआख्वानी हुई। मौलाना जमीरुल हसन व मौलाना नदीम असगर ने बारगाहे इलाही में दुआएं मांगी, ‘मालिक, हमारे गुनाहों को बख्श दे, हमारे ऊपर अपनी रहमतों को कायम रख’। इस मौके  पर मौजूद हर मर्द व ख्वातीन के आंखों में आंसू थे। सबने रो-रोकर बुलंद आवाज में अपने रब को आवाज दी। इस मौके पर मौलाना जहीन हैदर, मौलाना कमर मुसवी श्रीनगर, फरमान हैदर आदि मौजूद रहे। मुतवल्ली शफक रिजवी ने लोगों का इस्तकबाल और फिरोज हुसैन ने शुक्रिया अदा किया।

पूर्वांचल से जाने वाले जाइरीन की संख्या
इलाहाबाद-622, आजमगढ़-600, वाराणसी-576, मऊ-369, जौनपुर-320, महाराजगंज-268, गाजीपुर-246, गोरखपुर-244, कुशीनगर -191, देवरिया-148, कौशांबी-145, बलिया-141, चंदौली-133, भदोही-97, मिर्जापुर-86, सोनभद्र-45

अपनों की खबर के लिए बेचैन रहे 200 परिवार

maqbool alam has died in hajj stampede 2015

मक्का में शैतान को कंकड़ मारने के दौरान हुए हादसे में हाजियों के मरने की खबर से अमरोहा में 200 परिवारों के लोग घंटों बेचैन रहे। खबर पर प्रियजनों की सलामती के लिए दुआओं का दौर शुरू हो गया और फोन घनघनाने लगे।

लोग टेलीविजन चैनलों पर हादसे से जुड़ी हर खबर का अपडेट जानने के लिए नजरें टिकाए रहे। करीब दो घंटे बाद जब यह सूचना मिली कि अमरोहा से हज यात्रा पर गए सभी हाजरीन सकुशल हैं, तब परिजनों को जान में जान आई।
 
अमरोहा जिले से 200 लोग हज यात्रा पर गए हुए हैं। परिवार के लोगों से हाजरीन लगातार संपर्क में थे, बुधवार को हज यात्रा के मुख्य दिन भी लोग संपर्क में थे। इधर, तकरीबन हर साल होने वाले हादसे के मद्देनजर लोग गुरुवार को हज यात्रा सकुशल निपटने के लिए दुआएं कर रहे थे।

उधर, शैतान को कंकड़ मारने की रस्म शुरू हुई थी तभी दोपहर करीब एक बजे एकाएक मक्का में भगदड़ की खबर टेलीविजन चैनलों पर चलने लगी। इस भगदड़ में करीब 250 लोगों के मरने और पांच सौ लोगों के घायल होने की खबर आते ही अमरोहा नगर के उन परिवारों के सदस्यों की सांसें थम गईं, जिनके यहां से बड़े बुजुर्ग हज यात्रा पर गए हुए हैं।

परिजनों की फिक्र में लोग टीवी चैनलों पर नजरें गड़ा लिए, फोन पर भी संपर्क किया जाने लगा। भारतीय दूतावास की ओर से जारी किया गया फोन नंबर भी मिलाया जाने लगा। अमरोहा के सभी हज यात्रियों के सकुशल होने की खबर आने तक करीब दो घंटे तक लोग बेचैन रहे। बाद में सभी परिवारों का अपने प्रियजनों से फोन पर संपर्क भी हो गया।

महबूब अली और सिराजुद्दीन हाशमी भी गए हैं हज
कैबिनेट मंत्री महबूब अली अपने दोनों बेटों के साथ हज यात्रा पर गए हैं। वहीं हाशमी एजूकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डा. सिराजुद्दीन हाशमी भी परिवार समेत हज यात्रा पर हैं। कैबिनेट मंत्री और सिराजुद्दीन ने अपने घरों पर हादसे के बाद अमरोहा के हाजियों के सकुशल होने की सूचनाएं दीं। हाशमी दवाखाने पर लगे टीवी पर लोग हज के दौरान हुए हादसे की तस्वीरें देखने के लिए नजरें गड़ाए रहे। हर कोई अल्लाह से सलामती की दुआ कर रहा था।

अमरोहा के सभी हाजी सकुशल
हज ट्रेनर हाजी आदिल रशीद का कहना है कि सूचना मिल गई है, अमरोहा के सभी हाजी सकुशल हैं। उन्होंने कहा कि शैतान को कंकड़ मारने के दौरान हुई भगदड़ में मृत हज यात्रियों के लिए शोक व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की दुआ की गई है।

उफ, ये बेचैनी, बेसब्री, बेकसी और बेबसी

maqbool alam has died in hajj stampede 2015

उफ! इस बेचैनी, बेसब्री, बेकसी और बेबसी को किन लफ्जों में बयान किया जाए। मुरादाबाद से हज को गए यात्रियों के परिजन परेशान हैं। बार-बार फोन करते हैं। कभी फोन लाइन बिजी मिलती है तो कभी आउट आफ रीच का टोन बजता है। शायद अनगिनत लोग अपनों का हाल पूछ रहे होंगे। बेचैनी और बढ़ जाती है। टीवी पर नजरें गड़ाए हैं। अपने परदेस गए हैं।

बड़ा हादसा पेश आया है। जाहिर है सलामती की फिक्र होगी। शहर के बाशिंदों के लिए सुकून की बात यह है कि मिना हादसे में मारे गए सैकड़ों लोगों की हौलनाक जानकारी के बीच अपनों के साथ किसी अनहोनी की खबर अब तक नहीं आई है।

कुछ वक्त पहले हम हादसे की जगह थे, किस्मत अच्छी थी निकल गए
नागफनी इलाके के दौलतबाग के बाशिंदे शौकत हुसैन अपनी पत्नी कनीज फात्मा के साथ इस बार हज पर गए हैं। मिना में शैतान को कंकड़ मारते समय जब  हादसा पेश आया तब ये कंकड़ मार कर निकल रहे थे।

भगदड़ मची तो इन्हें बड़े हादसे का अंदेशा हो गया। शौकत हुसैन और कनीज फात्मा एक किनारे खड़े होकर अल्लाह से दुआएं करने लगे। रेला गुजर गया। बड़ा हादसा पेश आ चुका था लेकिन खुदा फजल से ये मजफूज रहे। चंद मिनटों में मिना हादसे की खबरें दुनिया भर में फैलने लगीं। घर वालों को फिक्र होने लगी। फोन पर फोन मिलाए जाने लगे।

सायरनों का शोर, भागते लोगों की चीखपुकार
बेटे यासीन मलिक ने बताया कि भारतीय समय के अनुसार लगभग दो बजे किस्मत से पापा (शौकत हुसैन) का फोन लग गया। घबराए थे। लेकिन घर वालों को दिलासा और हौसला देने के लिए बोले हम लोगों की फिक्र न करो। महफूज हैं। हां, अम्मी (कनीज फात्मा) की तबीयत थोड़ी नासाज हो रही है। चारों तरफ से आवाजें आ रही थीं।

सायरनों की शोर और भागते लोगों की चीख-पुकार से बात करना नामुमकिन हो रहा था। दिल को इतना सुकून तो मिला कि हादसे से ये लोग महफूज हैं। लेकिन उसके बाद घर वाले लगातार फोन मिलाए जा रहे हैं। बात नहीं हो पा रही। बेचैनी बढ़ती जा रही है। यासीन कहते हैं मम्मी से बात हो जाती तो दिल को सुकून मिल जाता।

शायद कल मुलाकात हो जाए
यही हाल मुरादाबाद के हजयात्री साहबजादे मलिक और उनकी पत्नी के घर वालों का है।  उनकी भी सलामती की जानकारी मिली। लेकिन बात नहीं हो पा रही। हालांकि उनके एक बेटे सऊदी अरब में ही रहते हैं। लेकिन जहां वह रहते हैं वह जगह हादसे से आठ सौ किलोमीटर दूर है। वालिद और वालिदा से मिलने चल पड़े हैं। शायद कल मुलाकात हो जाए।

सलामती का सुकून लेकिन बात तो हो जाए
मुरादाबाद के ही नागफनी इलाके के झरखंडी मंदिर के पास रहने वाले एक और हाजी नायब कमाल और उनकी पत्नी नसीम जहां के घर वालों का भी बुरा हाल था। जब तक सलामती की जानकारी नहीं मिली थी तब तक उनके बेटे मिक्की और शाहरुख का बुरा हाल था। हादसे से महफूज हैं। घर वालों को इतना तो सुकून है मगर बातें नहीं हो पा रही हैं। इसलिए बेचैनी में इजाफा हो रहा है।

मेरठ में बैचेनी, जाना हज यात्रियों का हालचाल

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मक्का के मीना में भगदड़ में मारे गए सैकड़ों लोगों के बाद मेरठ से हज यात्रा पर गए लोगों के परिजनों में बैचेनी है। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों और रिश्तेदारों ने यात्रा पर गए लोगों का हालचाल जानने की कोशिश की।

बृहस्पतिवार को मीना में शैतान को कंकड मारते समय अचानक भगदड़ मच गई। इसमें कई लोगों की जान चली गई, जबकि कई घायल हो गए। शहर काजी जैनुस साजिद्दीन की बहन मुनीबा और अन्य लोग हज करने गए हुए हैं।

शहर काजी ने बहन की खैरियत मालूम की और मेरठ से गए अन्य लोगों का भी हाल जाना। उन्होंने बताया कि शहर से गए हज यात्री सकुशल हैं। कोटला से अथर काजमी, दारूल उलूम मदरसे के शिक्षक तारापुरी से ताजुद्दीन, करीम नगर से मौलवी सुहैल, सेक्टर-12 से अब्दुल वहाब, किदवई नगर से शफीक अहमद, पूर्वा फैय्याज अली से अनम आदि 800 लोगों से अधिक हज के लिए गए हुए हैं।

इन सभी के परिजनों एवं रिश्तेदारों ने इंडियन हज कमेटी व अन्य सूत्रों के माध्यम से फोन द्वारा संपर्क किया और अपने रिश्तेदार हज यात्रियों की खैरियत मालूम की। बता दें कि कुछ दिन पहले वहां क्रेन हादसा हुआ था। उस समय भी कई लोग मारे गए और घायल हुए।

ईद मिलन कैंप नहीं लगाएंगे शाहिद अखलाक
सऊदी अरब में हज यात्रा के दौरान हुए हादसे के बाद मेरठवासी भी दुखी हैं। वहीं पूर्व सांसद एवं मेयर हाजी शाहिद अखलाक के छोटे भाई राशिद अखलाक हज यात्रा पर गए हैं। शाहिद अखलाक ने बताया कि हादसे के बाद राशिद ने उन्हें सकुशल होने की सूचना दी। साथ ही बताया कि हज यात्रा में मेरठ, बुलंदशहर और आसपास के कई जिलों के लोग हैं।

सभी एक दूसरे का कुशलक्षेम पूछ रहे हैं। उधर, देर शाम शाहिद अखलाक के आवास पर बैठक हुई। इसमें हज यात्रियों के लिए दुआ की गई। शाहिद ने कहा है कि बकरीद के मौके पर वे हर बार शाही ईदगाह पर ईद मिलन कैंप लगाते हैं जो इस हादसे के कारण इस बार नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने अकीदतमंदों से अपील की है कि वे हज यात्रियों के लिए दुआ करें। हाजी महमूद, मुंशी इस्लामुद्दीन, हाजी सलीम, खालिद, शहजाद, फिरोज आदि मौजूद रहे।

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