पांच साल बाद कोलकाता में फिर सक्रिय हो रहे हैं माओवादी?
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लगभग पांच साल की चुप्पी के बाद माओवादी फिर एक बार कोलकाता में सक्रिय होने लगे हैं। स्वाधीनता दिवस से एक दिन पहले शुक्रवार सुबह महानगर के कई इलाकों में माओवादी पोस्टर मिलने के बाद सुरक्षा एजेसियों में अफरा-तफरी मच गई है और महानगर में निगरानी चुस्त कर दी गई है।
शुक्रवार सुबह उत्तर कोलकाता के उल्टाडांगा व नारकेलडांगा क्रॉसिंग पर कई माओवादी पोस्टर नजर आए। इसके बाद पुलिस व सुरक्षा एजेसियां तुरंत हरकत में आ गईं। कोलकाता पुलिस की विशेष शाखा ने मौके पर पहुंच कर उन पोस्टरों को हटा दिया।
उसने इस सिलसिले में एक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों ने बताया कि यह पोस्टर लाल स्याही से अखबार के उन पन्नों पर लिखे गए थे, जिन पर विभिन्न राज्यों में माओवादी हिंसा से संबंधित खबरें छपी थीं।
लाल क्रांति फिर आएगी!
उनमें से एक पर लिखा था, ‘आबार मेघर आसछे आकाशे’ यानी आसमान पर फिर बादल घुमड़ रहे हैं। एक अन्य पोस्टर पर लिखा था, ‘लाल क्रांति एक बार फिर शुरू होगी और सही मायने में आजादी लाएगी।’
मौके पर पहुंची पुलिस अधिकारियों की टीम ने इस मामले में कुछ स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की। सूत्रों का कहना है कि ऐसे पोस्टर किसी शहर में उसी समय लगाए जाते हैं, जब माओवादी वहां किसी बड़ी वारदात के जरिये अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहते हैं।
अब स्वाधीनता दिवस से महज एक दिन पहले मिलने वाले इन पोस्टरों ने पुलिस व सुरक्षा एजेसियों की चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय भी राज्य सरकार को स्वाधीनता दिवस के मौके पर माओवादियों के संभावित हमले की आशंका को लेकर आगाह कर चुका है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस हफ्ते ही कहा था कि माओवादी राज्य को निशाना बनाने का प्रयास कर रहे हैं। एहतियात के तौर पर महानगर व आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी किया जा चुका है।