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माओवादी की बेटी को नहीं मिला सवाल पूछने का मौका
सुरेश महापात्र/दंतेवाड़ा
Updated Sat, 06 Sep 2014 12:48 PM IST
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मोदी सर से रूबरू होने के लिए उत्सुक बैठे 21 बच्चों में से जवाहर नवोदय विद्यालय बारसूर की11 वीं की छात्रा अंजली दानचालक के सवाल ने प्रधानमंत्री को प्रभावित किया।
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सवाल था- बस्तर जैसे जनजातीय इलाकों की लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों की कमी के संबंध में प्रधानमंत्री क्या उपाय करेंगे?
माओवादी हिंसा से प्रभावित छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की इस आदिवासी छात्रा के सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि बस्तर के जंगलों में जहां माओवाद से धरती लहूलुहान है, वहां बालिकाओं की शिक्षा की चिंता एक बेटी कर रही है।
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मैं मानता हूँ कि इस सवाल में देश को जगाने की ताकत है।
माओवादी हिंसा में पिता को खोने वाली बच्ची को मौका नहीं मिला
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान अंजली के साथ 20 अन्य बच्चों ने भी हिस्सा लिया। इनमें 2006 में नक्सली हमले में अपने पिता को खो चुकी रंजीता नायक भी थी, मगर उसे प्रधानमंत्री से सवाल पूछने का मौका नहीं मिला।
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उसने बताया कि वह प्रधानमंत्री से पूछना चाहती थी कि आखिर वह किस तरह माओवादी समस्या का समाधान करेंगे।