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चेन्नई बाढ़ में फंसे यूपी के कई जिलों के युवक

Fri, 04 Dec 2015 08:59 AM IST
Updated Fri, 04 Dec 2015 08:59 AM IST
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many people of UP stranded in Chennai.

चेन्नई के खराब हालात ने देवरिया और संतकबीरनगर के उन परिवारों की नींद उड़ा दी है, जिनके अपने वहां मुसीबत का सामना कर रहे हैं।

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देवरिया का एक युवक मरीन इंजीनियरिंग की पढ़ाई के सिलसिले में वहां है, जबकि संतकबीरनगर के दुधारा क्षेत्र के एक शख्स की कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करने वाले जिले के कई युवक भी चेन्नई की आफत में घिर फंसे हैं।

देवरिया के अबुबकर नगर में रहने वाले जहांगीर आलम का बेटा वासिल सिद्दीकी चेन्नई में पल्लावरम स्थित स्कूल ऑफ मैरीटाइम में मरीन इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। सेमेस्टर परीक्षा पूरी हो जाने से चार दिसंबर की रात को राप्ती सागर एक्सप्रेस से घर वापसी के लिए उसका रिजर्वेशन था, लेकिन इस बीच चेन्नई में आई आफत में वह घिर गया।
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परेशान हैं चेन्नई में फंसे लोगों के परिवार वाले

many people of UP stranded in Chennai.

घर वालों ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम वासिल ने अब्बू और अम्मी शकीला खातून को फोन पर बताया कि हॉस्टल चारों तरफ से पानी से घिरा है। कई जगह पानी की गहराई ज्यादा होने से बाहर निकलना खतरनाक है।

स्टेशन तक पहुंचना नामुमकिन मानते हुए उसने घर वालों से अपेक्षा जताई कि उसके फोन नंबर के हवाले से पांच दिसंबर को चेन्नई से नई दिल्ली जाने वाली गरीब रथ में उसका ऑनलाइन टिकट करा दें। बात पूरी होने से पहले फोन कटने और उसके बाद से बात न होने से घर वालों की चिंता बढ़ गई है।

इसी तरह की चिंता में घिरे हैं संतकबीरनगर के वो परिवार जिनके घर के सदस्य रोजगार के सिलसिले में कई दिन से चेन्नई में हैं। दुधारा के ग्राम गंगैचा निवासी इफ्तखार अहमद की मुंबई में कंस्ट्रक्शन कंपनी है, जिसके पास चेन्नई के बेलाचेरी के शापिंग मॉल में चल रहे निर्माण कार्य की जिम्मेदारी है।

कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करने वाले जिले के लगभग दस युवक भी चेन्नई की आपदा में घिर गए हैं। इनकी तरफ से आई फोन कॉल ने घर वालों की चिंता बढ़ा दी है। सभी खैरियत से जल्द घर वापसी की दुआएं कर रहे हैं।

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