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इराक में फंसी है जिंदगियां, पता नहीं क्या होगा?

Wed, 25 Jun 2014 08:54 AM IST
Updated Wed, 25 Jun 2014 08:54 AM IST
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many life is trapped in Iraq, does not know what will happen?

इराक में बीते करीब दो हफ्तों से जारी आतंकी हिंसा के बीच भारत को हिंसाग्रस्त क्षेत्र में फंसे अपने 17 और नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में कामयाबी हासिल हुई है।

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इस बीच बगदाद स्थित भारतीय दूतावास ने स्वदेश वापसी के इच्छुक अपने नागरिकों की आव्रजन संबंधी समस्या को दूर करने के लिए इराकी प्राधिकरण की सहायता से तीन शहरों में कैंप ऑफिस खोले हैं।
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सुन्नी आतंकी संगठन आईएसआईएस की इराक में बढ़ती जा रही पैठ के बीच बीते 10 दिनों से अगवा 39 भारतीय और हिंसागस्त क्षेत्र के अस्पताल में फंसी केरल की 46 नर्सों का भविष्य अब भी अधर में लटका है।
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अगवा भारतीयों की रिहाई के लिए भारत की ओर से लगातार जारी प्रयास का फिलहाल कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आया है। इसके अलावा हिंसाग्रस्त क्षेत्र में फंसी नर्र्सों को भी सुरक्षित जगह पर ले जाने की रणनीति अब तक परवान नहीं चढ़ पाई है।

सैंकड़ो लोग फंस गए हैं वहां

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विदेश मंत्रालय ने कहा है कि फिलहाल सरकार बंधकों की रिहाई और नर्सों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए हर उपलब्ध विकल्प का इस्तेमाल कर रही है।

कई दिनों की नाउम्मीदी भरे दौर के बाद मंगलवार को इराक से राहत का संदेश आया है। वहां हिंसाग्रस्त क्षेत्र में फंसे 17 भारतीयों को सुरक्षित बगदाद लाने में सफलता हाथ लगी है।

उल्लेखनीय है वहां हिंसाग्रस्त क्षेत्र में फंसे अगवा 39 भारतीयों सहित 120 लोगों में से अब तक 34 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अकबरुद्दीन ने कहा कि मंगलवार को हिंसाग्रस्त क्षेत्र से निकाले गए भारतीयों को स्वदेश लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

भारतीयों की जाएगी पूरी मदद

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उधर लगातार बढ़ती हिंसा के बीच स्वदेश वापसी के इच्छुक लोगों की आव्रजन संबंधी शिकायतों के अंबार के बाद बगदाद स्थित भारतीय दूतावास ने नजफ, कर्बला और बसरा में इराकी अथॉरिटी के साथ कैंप आफिस खोला है।

स्थानीय कंपनियों द्वारा पासपोर्ट देने से मना करने तथा आव्रजन संबंधी शिकायतों को दूर करने के लिए भारतीय दूतावास और इराकी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक संयुक्त समिति बनाई गई है।

प्रवक्ता ने बताया कि कैंप ऑफिस में आव्रजन संबंधी समस्या से जूझ रहे भारतीयों की यात्रा करने के जरूरी कागजात उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रवक्ता ने इसके साथ ही स्वदेश वापसी के इच्छुक लोगों से व्यावसायिक विमान का उपयोग करने की सलाह दी है।

हवाई हमला, दर्जनों आम नागरिकों की मौत

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इराकी सेना ने बैजी शहर के कई इलाकों में हवाई हमले किए हैं, इन हमलों में कम से कम 32 लोग मारे गए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि निशाने पर आतंकी थे जबकि ज्यादातर आम नागरिकों की जान गई।

उधर, इराक के शिया समूहों में फूट पड़ने से आतंकियों के खिलाफ संघर्ष कर रही सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। एक तरफ शिया समुदाय के सबसे बड़े मौलवी अयातुल्ला अली अल-सिस्तानी ने अपने अनुयायियों से आईएसआईएल आतंकियों के खिलाफ हथियार उठाने और सेना में शामिल होने का आह्वान किया है।

वहीं, एक शिया मिलीशिया के प्रमुख मौलवी मोक्तदा अल-सद्र ने सरकार के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है।

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