गंगा सफाई के लिए दे दी जीवनभर की कमाई
गंगा सफाई के लिए साहित्यकार मनु शर्मा ने अपनी पुस्तकों की रायल्टी और पुरस्कारों से अब तक एकत्र हुए 20 लाख रुपये देने का निर्णय लिया है। मलदहिया स्थित एक होटल में रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान मनु शर्मा ने कहा कि अस्सी से दशाश्वमेध के बीच छह घाट कच्चे हैं। इनमें से एक को वे पक्का कराएंगे। आगामी 29 नवंबर से कबीरचौरा मुहल्ले से वे सफाई अभियान की शुरुआत करेंगे।
मनु शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता मिशन के लिए उन्हें नामित किया। इसके लिए वे उनके आभारी हैं। कहा कि हम खुद गंदगी न फैलाएं, तब भी इस गंभीर समस्या के समाधान में बहुत मदद मिल जाएगी। इसके लिए हमें अपनी लाचारी की आदत छोड़नी होगी।
मनु शर्मा ने कहा कि अब मैं जीवन के उत्तरार्ध में हूं। जितनी सामर्थ्य है उसके अनुसार पीएम की उम्मीद पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा। लाखों की तादाद में देश के कोने-कोने के अपने पाठकों से मैं स्वच्छता मिशन को सफल बनाने की अपील करता हूं।
नौ लोगों को किया नामित
मनु शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा के मुताबिक स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए मैंने नौ लोगों को नामित किया है। इनमें संगीतज्ञ पं. राजन-साजन मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र कुमार, प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र, मालिनी अवस्थी, दीपक मधोक, डॉ. वीडी तिवारी, डा. सिद्धार्थ राय, व्यवसायी अजय त्रिवेदी और भदोही के कालीन कारोबारी वासिद अंसारी हैं।
1916 में गांधी जी ने विश्वनाथ गली की गंदगी पर जताया था दुख
साहित्यकार मनु शर्मा ने बताया कि 1916 में महात्मा गांधी बीएचयू के स्थापना सम्मेलन में हिस्सा लेने बनारस आए थे। काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन को जाते समय गलियों में गंदगी देख वे बेहद दुखी हुए थे।
उन्होंने पूछा था कि पवित्र मंदिर के आसपास की गलियां इतनी गंदी क्यों हैं। गांधी जी का दर्द 98 साल बाद भी प्रासंगिक है। अब तो हालात बदलने ही होंगे।