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जेसिका के हत्यारे को एग्जाम के लिए तिहाड़ से छुट्टी

Thu, 19 Dec 2013 11:26 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 19 Dec 2013 11:26 AM IST
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manu sharma got 9 day parole

हाईकोर्ट ने मॉडल जेसिका लाल हत्याकांड मामले में आजीवन कारावास की सजा पाए सिद्धार्थ शर्मा उर्फ मनु शर्मा को नौ दिन का पैरोल दिया है। मनु शर्मा ने मानवाधिकार पर डिप्लोमा की परीक्षा देने के लिए एक माह की पैरोल मांगा था।

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न्यायमूर्ति हीमा कोहली ने मनु शर्मा को 28 दिसंबर से 5 जनवरी 2014 तक पैरोल प्रदान की है। इससे पूर्व तिहाड़ जेल प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मनु शर्मा के 30 दिसंबर से पेपर शुरू हो रहे है।
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अदालत ने मनु शर्मा के उस तर्क को खारिज कर दिया कि पेपर देने के लिए उसे चंडीगढ़ जाने की इजाजत प्रदान की जाए। अदालत ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि मनु शर्मा का सेंटर चंडीगढ़ से दिल्ली करवाने की व्यवस्था की जाए। इससे पहले उन्हें दो बार पैरोल मिल चुकी है।
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मानवाधिकार में डिप्लोमा कर रहा है मनु
इसे पूर्व मनु शर्मा के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि उनका मुवक्किल मानवाधिकार में डिप्लोमा कर रहा है। उन्होंने कहा मनु को दूसरे सेमेस्टर के पेपर देने है और उसका सेंटर चंडीगढ़ है। उन्होंने बताया कि पेपर 30 दिसंबर से शुरू होने हैं व इससे पहले उसे मास्टर थीसिस की रिपोर्ट तैयार करनी है।

उन्होंने कहा मनु शर्मा तिहाड़ जेल में कैदियों के 470 बच्चों को शिक्षा देने के अलावा उनकी देखरेख भी कर रहा है। इस संबंध में जेल प्रशासन ने उसके अच्छे व्यवहार के लिए कई प्रमाणपत्र भी दिए हैं।

उन्होंने कहा कि मनु ने पूर्व में मिली पैरोल की शर्तों का कभी उल्लंघन नहीं किया। अत: उसे एक माह के पैरोल पर रिहा किया जाए। 29-30 अप्रैल 1999 की रात हुए जेसिका लाल हत्याकांड मामले में गवाहों के मुकरने पर निचली अदालत ने फरवरी 2006 को सभी आरोपियों को रिहा कर दिया था।

उम्रकैद की सजा मिली
हाईकोर्ट ने 20 दिसंबर 2006 को निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त सिद्घार्थ शर्मा उर्फ मनु शर्मा को आजीवन कारावास व 54 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।


वहीं अदालत ने इसी मामले में साक्ष्य नष्ट करने के आरोपी एवं पूर्व सांसद डीपी यादव के पुत्र विकास यादव व बहुराष्ट्रीय कंपनी कोका कोला के महाप्रबंधक अमरजीत सिंह गिल को चार-चार वर्ष की कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।

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