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नरेंद्र मोदी की शैली में चलेगा 'सख्त' खट्टर राज!

Wed, 22 Oct 2014 10:17 AM IST
हिमांशु मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 22 Oct 2014 10:17 AM IST
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manohar lal khattar govt in haryana will take tough actions.

हरियाणा के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने जा रहे मनोहर लाल खट्टर सबसे पहले राज्य में भ्रष्ट अफसरशाही पर पूरी तरह नकेल कसेंगे। कुर्सी पर बैठने से पहले ही खट्टर ने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का खाका तैयार कर लिया है।

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प्रदीप कासनी जैसे कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने पार्टी को चुनाव के दौरान ही भ्रष्ट अधिकारियों के काले कारनामों का चिट्ठा सौंप दिया था। वैसे भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खट्टर में बेहतर और सख्त प्रशासक बनने की व्यापक संभावना और क्षमता के कारण ही बतौर मुख्यमंत्री उन पर दांव लगाया है।
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दरअसल 90 के दशक में साथ-साथ संगठन का काम देखने के दौरान ही मोदी और खट्टर में गहरी छनने लगी थी। बाद में खट्टर ने लोकसभा चुनाव में राज्य की चुनाव प्रचार अभियान की सफलतापूर्वक कमान थामकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रधानमंत्री भी चाहते हैं कि हरियाणा में लोगों को सत्ता परिवर्तन का असर तत्काल दिखे। इसलिए सत्ता संभालते ही खट्टर सबसे पहले सूबे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करने के बाद भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कसना शुरू कर देंगे।

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भ्रष्ट अधिकारियों की सूची तैयार

manohar lal khattar govt in haryana will take tough actions.

भाजपा सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री हरियाणा में सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य के लोगों को तत्काल बदलाव का अहसास कराना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने भ्रष्ट नौकरशाही पर तत्काल नकेल डालने की इच्छा से खट्टर को अवगत करा दिया है। वैसे भी विधानसभा चुनाव के दौरान कासनी सहित कई अधिकारियों ने चुनाव प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात कर राज्य के भ्रष्ट अधिकारियों का काला चिट्ठा सौंप दिया था।

इस आधार पर  पार्टी की प्रदेश इकाई ने पहले से ही ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार कर ली है। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठते ही खट्टर सबसे पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए ईमानदार अधिकारियों को अपनी टीम में जोड़ेंगे।

ऐसे में कासनी, चर्चित आईएएस अधिकारी अशोक खेमका को अहम जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि जहां तक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा से जुड़े जमीन सौदे की बात है तो नई सरकार इस मामले की जांच में पूरी गंभीरता बरतेगी।

मोदी शुरू से खट्टर के पक्ष में थे

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पार्टी सूत्रों ने बताया कि हालांकि खट्टर के नाम का फैसला चुनाव नतीजे के बाद लिया गया, मगर मोदी शुरू से ही उन्हें सरकार की कमान देने के इच्छुक थे। इसी इच्छा के कारण खट्टर को पहली बार विधानसभा चुनाव में उतारा गया। सीएम पद की दौर में हालांकि कैप्टन अभिमन्यु भी प्रमुखता से शामिल थे। उनकी हावर्ड से शिक्षा ग्रहण करने, संघ लोकसेवा आयोग की परीक्षा में सफल रहने और सेना में बतौर कैप्टन अहम जिम्मेदारी निभाना जैसी कई योग्यता भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री की निगाह में थी।

मगर मोदी खट्टर की क्षमता से पहले से परिचित थे और इस बार राज्य में गैर जाट बिरादरी ने खुल कर पार्टी के पक्ष में मतदान किया था, इसलिए अंत में खट्टर के नाम पर ही दांव लगाने का फैसला किया गया।

मोदी शैली के कायल हैं खट्टर
हरियाणा के भावी मुख्यमंत्री खट्टर प्रशासन चलाने के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैली के कायल हैं। इसलिए माना जा रहा है कि हरियाणा सरकार में भी मोदी सरकार की झलक दिखेगी। खट्टर भी मोदी की तरह अनवरत काम करने, रात में देर से सोने और सुबह जल्दी उठने के आदी हैं। इसलिए हरियाणा में नई सरकार के गठन के बाद अफसरशाही को भी खुद को चुस्त दुरुस्त बनाना होगा।

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