मन की बातः सचिन ने छात्रों का हौसला बढ़ाया
मोदी ने एक बार फिर से अपने चर्चित कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए देश के सामने अपने विचार रखे। इस बार उनका कार्यक्रम उन छात्रों को समर्पित किया जिनकी परीक्षाएं चल रही हैं। उन्होंने परीक्षा दे रहे सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी।
इस दौरान उन्होंने भारत रत्न और मशहूर क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर को भी इस कार्यक्रम में शामिल किया। सचिन ने परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें एक लक्ष्य साधकर तैयारी करने की बात कहीं। इसके लिए उन्होंने अपने अनुभवों को भी साछा किया।
सचिन ने बताया विद्यार्थियों को खुद से एक लक्ष्य बनाना चाहिए और सकारात्मक दिशा में उस पर काम करना चाहिए। परीक्षा के दौरान चिंतामुक्त होकर अपने पेपर लिखने चाहिए। वहीं मोदी ने कहा कि छात्रों को प्रतिस्पर्धा की जगह अनुस्पर्धा की ओर ध्यान देना चाहिए। खुद को भविष्य के लिए मजबूत करना होगा।
खिलाड़ियों ने दिया संदेश
इस दौरान उन्होंने शतरंज के खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद से भी अवगत कराया। आनंद ने भी छात्रों को बधाई देते हुए उन्हें उनके परीक्षाओं के लिए कुछ उपयोगी सुझाव दिए।
आनंद ने कहा कि परीक्षाएं भी शतरंज के खेल की तरह ही होती हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा के समय अक्सर ऐसा होता है कि छात्र काफी तनाव में रहते हैं। ऐसी स्थिति में छात्रों को बिना टेंशन लिए ही अपनी तैयारियां करनी चाहिए।
मोदी ने भी विश्वनाथन का जिक्र करते हुए कहा कि जब वे शतरंज खेलते हैं उस वक्त उनका पूरा ध्यान अपने खेल पर ही रहता है। वह दाएं बाएं भी नहीं देखते। यहीं कारण है कि वह इतने कामयाब हैं। विद्यार्थियों को भी इसी तरह से अपने परीक्षाओं की तैयारियां करनी चाहिए।
सीएनआर राव ने भी किया प्रोत्साहन
इस दौरान प्रख्यात कथा वाचक मोरारी बापू ने भी विद्यार्थियों को परीक्षा के समय मन में किसी प्रकार का बोझ नहीं रखने की बात कही। इसके अलावा प्रख्यात रसायन विज्ञानी और भारत रत्न डॉ सीएनआर राव ने भी विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा के समय विद्यार्थियों के दृढ़ निश्चय रखना चाहिए।
मोदी ने बच्चों प्रोत्साहन करते हुए उन्हें चिंता से मुक्त रहने के लिए कई उपाय बताए। उन्होंने कहा कि अगर संभव हो सके तो विद्यार्थियों को चिंता और तनावमुक्त रहने के लिए योग का सहारा लेना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विज्ञान की महत्ता पर जोर दिया और बच्चों को कई वैज्ञानिकों की सफलता की कहानी भी सुनाई।
हाल ही में गुरुत्वाकर्षण तरंगों की खोज करने वाले वैज्ञानिक दल में भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान की चर्चा करते हुए उन्होंने वैज्ञानिकों को बधाई दी। इसके अलावा उन्होंने आगामी दिनों में भारत में भी 'लिगो' सेंटर की स्थापना की बात भी कही। इसके साथ ही भारत ऐसा तीसरा देश बन जाएगा जहां लिगों सेंटर स्थापित होगा।