मनमोहन की चलती तो वाजपेयी होते 'भारत रत्न'
मनमोहन सिंह की भी इच्छा थी कि अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। मनमोहन सिंह अपने प्रयास में सफल रहे होते तो यूपीए सरकार के कार्यकाल में ही वाजपेयी का भारत रत्न दिया जा चुका होता।
मनमोहन सिंह के पूर्व मीडिया सलाहकार संजय बारू ने ये खुलासा किया है।
बारू ने एक अंग्रेजी अखबार से की गई बातचीत में बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सुझाव दिया था कि दो पूर्व प्रधानमंत्रियों पीवी नरसिम्हा राव और अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। मनमोहन सिंह सुझाव से सहमत भी थे।
सहमति के बाद भी प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ा
बारू ने बताया कि मनमोहन की सहमति के बाद भी प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाया। बारू ने यह तो नहीं बताया कि ऐसा क्यों हुआ, लेकिन उनकी बातों से अंदाजा लगाया जा रहा है कि संभवतः कांग्रेस आलाकमान राव और वाजपेयी को भारत रत्न देने के विचार से सहमत नहीं था।
बारू ने बताया कि मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने के बाद जब-जब भारत रत्न का मुद्दा उठा राव और वाजपेयी को भारत रत्न देने का सुझाव दिया गया। उन्होंने कहा कि मुझे ये नहीं पता कि मनमोहन ने कभी ये बात कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से कही या नहीं?
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष बारू की किताब 'एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर' प्रकाशित हुई थी। बारू 2004 से 2008 तक प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार रहे थे। किताब में उन्होंने उन वर्षों के अनुभव साझा किए थे। किताब के कई खुलासों पर विवाद हुआ था।