प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दिया इस्तीफा
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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
शुक्रवार को आए आम चुनावों के परिणामों में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया। वो दस साल तक प्रधानमंत्री पद पर रहे।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को आए चुनाव नतीजों का स्वागत किया है और भाजपा के नेतृत्व में बनने वाली देश की अगली सरकार को शुभकामनाएं दी हैं।
उन्होंने कहा कि देश ने पिछले दस साल के दौरान बहुत सारी कामयाबियां दर्ज की हैं और इनका श्रेय देश की जनता को जाता है।
आम चुनावों में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी की शानदार जीत के अगले दिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्र को संबोधित किया।
10 साल तक रहे प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह ने दस साल तक केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार का नेतृत्व किया।
उन्होंने आने वाली सरकार को शुभकामना दी। चुनावों में शानदार कामयाबी दर्ज करने के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अगली सरकार बनेगी।
मनमोहन सिंह ने कहा कि उनकी जिंदगी और सरकार का कार्यकाल एक खुली किताब है और पूरी क्षमता के साथ उन्होंने देश की सेवा करने की कोशिश की।
साथ ही, उन्होंने कहा कि जो भी उन्हें मिला देश से मिला, और इससे ज़्यादा वो कुछ नहीं चाहते हैं।
'देश से मिला प्यार'
उन्होंने कहा, "इस देश ने मुझे बहुत प्यार दिया है। बंटवारे के कारण बेघर हुए एक बच्चे को इतने ऊंचे पद तक पहुंचा दिया। ये एक ऐसा क़र्ज़ है जिसे मैं कभी नहीं उतार पाऊंगा। ये एक ऐसा सम्मान है जिस पर मुझे हमेशा गर्व रहेगा।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "मित्रों, मुझे भारत के भविष्य के बारे में पूरा इत्मीनान है। मुझे पक्का विश्वास है कि वो समय आ गया है, जब भारत दुनिया की बदलती हुई अर्थव्यवस्थाओं में एक अहम उभरती हुई शक्ति के रूप में उभरेगा।"
उन्होंने कहा, "परंपरा को आधुनिकता के साथ और विविधता को एकता के साथ मिलाते हुए हमारा देश दुनिया को आगे का रास्ता दिखा सकता है।"
मनमोहन ने कहा, "अपने महान देश की सेवा करने का मौका मिलना मेरा सौभाग्य रहा है। मैं इससे ज्यादा और कुछ नहीं मांग सकता था। मेरी कामना है कि आने वाली सरकार अपने कामकाज में हर तरह से सफल रहे।"