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परिणाम भुगतने को तैयार रहे इटली: मनमोहन
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 13 Mar 2013 10:28 PM IST
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इटली की दगाबाजी से पूरे देश में उपजे गुस्से को देखते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उसे सख्त लफ्जों में चेतावनी देते हुए कहा कि वह हत्या के आरोपी दोनों इतालवी नौसैनिकों को वापस भेजे, वरना गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
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संसद में पीएम के इस सख्त संदेश के बाद इटली का रुख भी नरम दिखाई पड़ा। इतालवी राजदूत डेनियल मैनसिनी ने मामले पर सफाई देते हुए कहा कि दोनों देशों के लिए यह मुश्किल समय है और विवाद को आपसी सहमति से सुलझा लिया जाएगा।
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पीएम ने कड़े लहजे में कहा कि इटली ने राजनयिक शिष्टाचार के हर नियम का उल्लंघन किया है। इस रुख से द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर असर पड़ेगा। पूरे सदन का मानना है कि इटली ने भारत को गुमराह किया।
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पीएम ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में दिए गए हलफनामे के मुताबिक उसे अपने नाविकों को वापस भेजना होगा वरना उसे गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।
सदन को भरोसा देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार दोनों नौसैनिकों को भारत लाने के लिए हर संभव राजनयिक तरीकों का इस्तेमाल करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार है।
सरकार ने कूटनीतिक मोर्चे पर भी घेराबंदी शुरू कर दी है। इस क्रम में इटली के राजदूत को वापस भेजने से लेकर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना में संवैधानिक प्रावधानों के हिसाब से कानूनी शिकंजा कसने के विकल्प पर गौर किया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि सरकार राजनयिकों को हासिल विएना समझौते के कवच से इतर जाने के कानूनी रास्ते भी देख रही है।
बुधवार को दोनों सदनों में यह मुद्दा छाया रहा। खासतौर पर भाजपा और लेफ्ट ने इस मसले पर सरकार को जमकर घेरा। लेफ्ट ने वेल में आकर भारी हंगामा भी किया।
लोकसभा में शून्यकाल में भाजपा के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि हत्या के आरोपियों को पहले तो क्रिसमस मनाने के लिए भेजा गया और फिर मतदान के लिए जाने की अनुमति दे दी।
उन्होंने कहा कि क्या भारतीय कैदियों को भी दीवाली, होली, ईद आदि मनाने के लिए इसी तरह छोड़ा जाता है या उन्हें मतदान में हिस्सा लेने के लिए जेल से जाने दिया जाता है।
‘इटली ने राजनयिक शिष्टाचार के हर नियम का उल्लंघन किया है। इस रुख से द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर असर पड़ेगा। उसे अपने नाविकों को वापस भेजना होगा वरना उसे गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।’
-प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह