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कोल ब्लॉक: मनमोहन सिंह को आरोपी के तौर पर समन

Wed, 11 Mar 2015 01:39 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 11 Mar 2015 01:39 PM IST
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manmohan singh summoned as accused in coal block case

पटियाला हाउस कोर्ट ने कोल ब्लॉक आवंटन के हिंडाल्को केस में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आरोपी बनाते हुए समन भेजा है। उन पर पारदर्शिता का पालन न करते हुए निजी कंपनियों को माइनिंग के अधिकार देने का आरोप है। मनमोहन पर लगे आरोपों में भ्रष्टाचार, भरोसे को तोड़ना और आपराधिक षड़यंत्र हैं।

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इस मामले में हिंडाल्को के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला, पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख, हिंडाल्को के अधिकारी शुबेंदु अमिताभ और डी भट्टाचार्या समेत 6 लोगों को आरोपी बनाया गया है। सभी को 8 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने को कहा गया है।
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यह समन 2005 में ओडिशा के तालाबिरा में कोल ब्लॉक आवंटन को लेकर दिया गया है। उस समय जब बिड़ला की कंपनी हिंडाल्को को यह कोल ब्लॉक दिया गया था, तो कोयला मंत्रालय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास ही था।
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यह समन धारा 120बी और धारा 409 के तहत भेजा गया है। इसके तहत जो भी आरोपी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें अधिकम उम्र कैद तक हो सकती है।

समन मिलने पर बोले मनमोहन मैं परेशान हूं

manmohan singh summoned as accused in coal block case

कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले में दिल्ली की एक अदालत द्वारा समन किए जाने पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वो इस बात से निराश हैं कि उन्हें इस मामले में कोर्ट के समक्ष बतौर आरोपी पेश होना होगा।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मैं परेशान हूं, लेकिन यह जीवन का हिस्सा है। मुझे भरोसा है कि सच्चाई की जीत होगी और मुझे तथ्यों के साथ अपने मामले को आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा।"

कांग्रेस बोली समन का मतलब दोषी होना नहीं

manmohan singh summoned as accused in coal block case

कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बतौर आरोपी समन भेजे जाने पर कांग्रेस ने कहा कि कोर्ट के समन का मतलब यह कतई नहीं है कि व्यक्ति अपराधी हो गया।

कांग्रेस ने इस मामले पर ट्वीट के जरिए प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्त संजय झा ने अपने ट्वीट में लिखा, "किसी को समन मिल जाने का मतलब यह कतई नहीं है कि कोई अपराधी हो जाता है। यह एक प्राथमिक कानून है।"

झा ने जोर देकर कहा कि वो पूर्व प्रधानमंत्री ही थे जिन्होंने कोल ब्लॉक की नीलामी के लिए जोर दिया था। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों के विरोध पर इसमें पारदर्शिता पर जोर दिया था।

उन्होंने कहा कि यह सच है कि कोल ब्लॉक के सभी संदिग्ध आवंटन गैर कांग्रेसी राज्यों में हुए थे। ये सभी राज्य मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडीशा और पश्चिम बंगाल हैं।

मनमोहन सिंह के साथ साथ उद्योगपति कुमार मंगलम बिरला, पूर्व कोयला सचिव पी सी पारेख और अन्य तीन लोगों को समन जारी किया गया है। इन सभी को 8 अप्रैल से पहले अदालत के समक्ष पेश होना होगा।

क्या था मामला

manmohan singh summoned as accused in coal block case

कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले को कोलगेट नाम से भी जाना जाता है। यह एक बड़ा राजनीतिक घोटाला है, जिसके तहत सरकार ने पारदर्शिता का पालन किए बिना, निजी कंपनियों को मनमाने ढंग से कोल ब्लॉक आवंटित कर दिए थे। कैग ने मार्च 2014 में एक ड्राफ्ट के तहत सरकार पर गलत तरीके से कोल ब्लॉक आवंटन का आरोप लगाया था।

नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट के मुताबिक, कोल ब्लॉक अलॉटमेंट में घोटाले की वजह से सरकार को कुल 1.86 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी थी। आपको बता दें कि पिछले साल ही 214 कोल ब्लॉक के आवंटन को रद्द किया गया था, जिन्हें पिछले दो दशकों की सरकार ने आवंटित किया था। अब इनकी नीलामी ऑनलाइन की जाएगी।

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