फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Manmohan singh assured sayed ahmad bukhari Jama Masjid wont be a protected monument

मनमोहन ने की थी अहमद बुखारी की बड़ी मदद, हुआ खुलासा

Thu, 30 Apr 2015 04:08 PM IST
Updated Thu, 30 Apr 2015 04:08 PM IST
विज्ञापन
Manmohan singh assured sayed ahmad bukhari Jama Masjid wont be a protected monument

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अहमद बुखारी को आश्वासन दिया था कि जामा मस्जिद को संरक्षित इमारत घोषित नहीं किया जाएगा। ये खुलासा आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के दिल्ली हाईकोर्ट में जमा किए गए हलफनामे से हुआ है।

विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि मुगल काल की अधिकांश इमारतें एएसआई के संरक्षण में हैं। वही इन इमारतों के रखरखाव भी करती है। हालांकि जामा मस्जिद एएसआई के संरक्षण में नहीं है।
विज्ञापन


300 साल पुरानी इमारत का मालिकाना शाही इमाम अहमद बुखारी के पास है। सालों से बुखारी का ही परिवार मस्जिद का रखरखाव करता रहा है और उससे होने वाली आमदनी का उपयोग भी वही करता है। एएसआई जामा मस्जिद का मालिकाना न हासिल कर पाए और ये बुखारी परिवार के पास ही बनी रही, इस मकसद में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी अहमद बुखारी की मदद की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

मनमोहन ने बुखारी को लिखी थी चिट्ठी

Manmohan singh assured sayed ahmad bukhari Jama Masjid wont be a protected monument

दिल्ली हाईकोर्ट में जमा हलफनामे में एएसआई ने कहा है कि 2004 में यूपीए सरकार बनने के तुरंत बाद ही मनमोहन सिंह ने पत्र लिखकर सैय्यद अहमद बुखारी को आश्वासन दिया था कि वे जामा मस्जिद को संरक्षित इमारत घो‌षित नहीं होने देंगे।

दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट यूपीए सरकार द्वारा जामा मस्जिद को संरक्षित इमारत घोषित नहीं किए जाने के मामले की सुनवाई कर रहा है।

हाईकोर्ट में 10 सालों से ये मामला चल रहा है। यूपीए सरकार यदि जामा मस्जिद को सं‌रक्षित इमारत घोषित कर देती तो उसका मालिकाना शाही इमाम के बजाय केंद्र सरकार के पास चला जाता।

20 अक्टूबर, 2004 को लिखे पत्र में मनमोहन सिंह ने लिखा था, 'जनाब सैय्यद अहमद बुखारी साहब, मैंने संस्कृति मंत्रालय और एएसआई को कहा है कि वे जामा मास्जिद में मरम्मत का काम कर दें, जो कि आपने 10 अक्टूबर को लिखे पत्र में कहा है।' मनमोहन ने पत्र में ये भी कहा है कि उन्होंने मंत्रालय को ये भी बता दिया है कि जामा मस्जिद को संरक्षित इमारत घोषित नहीं किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed