'लेखकों-चिंतकों की हत्या को सही नहीं ठहरा सकते'
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने असहिष्णुता के मुद्दे पर मोदी सरकार को निशाने पर लिया है। मनमोहन सिंह ने कहा कि विचारकों, चिंतकों की हत्या को किसी भी कीमत पर सही नहीं ठहराया जा सकता है। विरोध के सुरों को दबाने की किसी भी कोशिश को मनमोहन सिंह ने गलत बताया। उन्होंने कहा कि अच्छे विचारों वाले सभी लोगों को इस तरह की सोच का जमकर विरोध करना चाहिए क्योंकि ये एक तरह से हमारी राष्ट्रीयता पर हमला है।
मनमोहन सिंह ने कहा कि एकता और विविधता का सम्मान, और धर्मनिरपेक्षता हमारे देश के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। आपको बता दें कि कांग्रेस इन दिनों असहिष्णुता को लेकर काफी आक्रामक है और इस मसले पर लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। इससे पहले कांग्रेस ने विरोध मार्च निकाला था और राष्ट्रपति को ज्ञापन भी सौंपा था।
कांग्रेस राष्ट्रपति को दे चुकी है ज्ञापन
मुल्क में बढ़ रही असहिष्णुता के विरोध में कांग्रेस ने संसद भवन से राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च किया था। मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत पार्टी के सभी आला नेता और सांसद शामिल थे। असहिष्णुता के मसले पर इन दिनों मोदी सरकार पर लगातार दबाव पड़ रहा है। कई लेखक, इतिहासकार, वैज्ञानिक और फिल्मकार अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं।
कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात की है और मुल्क में बन रहे माहौल पर ज्ञापन दिया । कांग्रेस के मार्च में 125 नेताओं शामिल हुए थे। कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के कई नेता अपने बयान से चुनावी लाभ के लिए ध्रुवीकरण कर रहे हैं।
40 मिनट से ज्यादा की बातचीत में सोनिया ने राष्ट्रपति से मौजूदा राजनीतिक हालातों को लेकर बातचीत की। कांग्रेस ने मुलाकात में हुई बातचीत का ब्योरा नहीं दिया, लेकिन राजनीतिक रूप से मुलाकात को काफी महत्वपूर्ण माना गया।