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'पाक सीजफायर का उल्लंघन रोके तभी होगी बातचीत'

Mon, 30 Sep 2013 01:17 AM IST
न्यूयॉर्क से उदय कुमार
न्यूयॉर्क से उदय कुमार Updated Mon, 30 Sep 2013 01:17 AM IST
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manmohan singh meets nawaz sharif raises terrorism issue

प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह रविवार को यहां पाक पीएम नवाज शरीफ से मिले तो बड़ी गर्मजोशी से, लेकिन सुई पाक प्रायोजित आतंकवाद और एलओसी पर सीजफायर के उल्लंघन पर आकर अटक गई।

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करीब एक घंटे तक चली बातचीत में प्रधानमंत्री ने अपने पाक समकक्ष से साफ कह दिया कि सीमा पर बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन होता रहा तो बातचीत का कोई फायदा नहीं होने वाला।
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इस पर शरीफ ने भरोसा दिलाया कि सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए वह ठोस कदम उठाएंगे।

इसके लिए दोनों देशों के मिलिट्री आपरेशन के महानिदेशक (डीजीएमओ) को रोड मैप तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस मौके पर नवाज और मनमोहन ने एक दूसरे को अपने देश आने का न्योता दिया, जिसे दोनों ने स्वीकार कर लिया।

भारतीय समयानुसार रविवार शाम करीब साढ़े सात बजे होटल न्यूयार्क पैलेस में मिलने पहुंचे पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का मनमोहन सिंह ने खुद मीटिंग हॉल के गेट पर आकर स्वागत किया और अपने साथ ही बातचीत की मेज तक लाए।
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एक-दूसरे के शिष्टमंडल से परिचय प्राप्त करने के बाद दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच अकेले में आधे घंटे तक बातचीत हुई।

बाद में शिष्टमंडल स्तर पर दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच पाक में पोषित और प्रशिक्षित हो रहे आतंकवाद, एलओसी, सियाचिन और हाल की आतंकी घटनाओं पर चर्चा हुई।

मुंबई हमले के मास्टर माइंड कहे जाने वाले जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद के खुलेआम पाक में घूमने की ओर इशारा करते हुए मनमोहन सिंह ने सवाल किया कि आतंकियों के खिलाफ पाक कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?

इस पर शरीफ ने कहा कि 26/11 मुंबई आतंकी हमले की जांचकर लौटे न्यायिक आयोग की सिफारिशों के आधार पर वह मुंबई हमले के दोषियों पर कार्रवाई करेंगे। कार्रवाई में पाकिस्तान देर नहीं करेगा।

संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद पर कड़े तेवर दिखाने के बाद मनमोहन सिंह की नवाज शरीफ से हुई बातचीत के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने कहा कि आतंकवाद के अलावा दोनों देशों के बीच कारोबार बढ़ाने के लिए रास्ता निकालने पर भी बात हुई है।

बातचीत सकारात्मक रही जो आगे शांति वार्ता के लिए रास्ता खोल सकती है। लेकिन, दोनों देशों में अगली बातचीत के लिए कोई समय सीमा तय नहीं हुई है। पाक अपने वादे पर अमल करता दिखाई दे तभी आगे का कार्यक्रम सामने आएगा।

उच्चस्तरीय सूत्रों का कहना है कि पाक प्रधानमंत्री ने बलूचिस्तान में अशांति का मुद्दा उठाया जिसे भारतीय पक्ष की ओर से पूरी तरह खारिज कर दिया गया। भारत का कहना है कि बलूचिस्तान पाक का अंदरूनी मामला है जिसमें उसका कोई हस्तक्षेप नहीं है।

इसके पहले होटल विजिलेंट से न्यूयार्क पैलेस पहुंचने पर नवाज शरीफ ने प्रधानमंत्री के साथ मौजूद विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन और विदेश सचिव सुजाता सिंह से आगे बढ़कर हाथ मिलाया।

मनमोहन सिंह ने भी नवाज शरीफ के साथ मौजूद विदेश मामलों में उनके सलाहकार सरताज अजीज, ख्वाजा आसिफ, इशाक डार, तारिक फातिमी, मसूद खान और जलील अब्बास से उनके पास जाकर परिचय प्राप्त किया।


इसके बाद दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच अकेले में बातचीत शुरू हुई। इसमें दोनों पंजाबी नेताओं ने एक दूसरे का हालचाल पूछा और नवाज ने मनमोहन सिंह से अपनी जन्मभूमि देखने के लिए पाकिस्तान के हिस्से वाले पंजाब आने का न्योता दिया।

प्रधानमंत्री ने नवाज से साफ कहा कि हर मसले का हल बातचीत से निकलेगा, यह वह भी मानते हैं।

ये पहला मौका है जब मुलाकात करने वाले दोनों पड़ोसी मुल्कों के प्रधानमंत्रियों का जन्म स्थान अब पाकिस्तानी के हिस्से वाले पंजाब में पड़ता है।

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