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आतंक के खिलाफ जंग में साथ देंगे ओबामा

Sat, 28 Sep 2013 01:25 AM IST
व्हाइट हाउस से उदय कुमार
व्हाइट हाउस से उदय कुमार Updated Sat, 28 Sep 2013 01:25 AM IST
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manmohan singh meets barack obama at white house

वाशिंगटन के खुशगवार मौसम और लाजवाब व्हाइट हाउस में शुक्रवार को डॉ. मनमोहन सिंह और बराक ओबामा के बीच एक घंटे से ज्यादा चली वार्ता में पाक प्रायोजित आतंकवाद का मसला ही छाया रहा।

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प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि आतंकवाद की धुरी अभी भी पाकिस्तान ही है। इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
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वार्ता के बाद ओबामा के संग ओवल आफिस से बाहर आए मनमोहन सिंह ने तो यहां तक कह दिया कि रविवार को वह नवाज शरीफ से मुलाकात तो करेंगे, लेकिन पाकिस्तान से उम्मीदें बहुत कम हैं।
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लंबी बातचीत के बाद मनमोहन के साथ निकले ओबामा ने मुंबई हमले को याद करते हुए कहा कि आतंकवाद की समस्या से भारत और अमेरिका दोनों पीड़ित हैं।

उन्होंने जम्मू में बृहस्पतिवार तड़के सीमा पार से आए आतंकियों के हमले में भारतीय सुरक्षाकर्मियों की मौत पर अफसोस जताते हुए शहीदों के परिवारवालों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।

दागियों को लेकर अध्यादेश पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बयान के बाद से असहज दिख रहे डॉ. मनमोहन सिंह का व्हाइट हाउस पहुंचने पर बराक ओबामा ने जिस आत्मीयता के साथ स्वागत किया, वह दोनों शासनाध्यक्षों के बीच की समझदारी और नजदीकी को दिखाता है।

प्रधानमंत्री ने अमेरिकी कंपनियों से विमान, हेलीकॉप्टर और हथियार खरीदने के बड़े सौदे को हरी झंडी देकर दुनिया की इस महाशक्ति को अपना सबसे बड़ा सामरिक सहयोगी भी बना लिया।

बराक ओबामा ने डॉ. मनमोहन सिंह के सम्मान में शुक्रवार को ही दोपहर का भोज भी दिया।

प्रधानमंत्री के साथ विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन, विदेश सचिव सुजाता सिंह और अमेरिका में भारत की राजदूत निरुपमा राव भी मौजूद थीं।

रोज रात मिल रहा मनमोहन को झटका
प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जब से अमेरिका के लिए निकले हैं, उन्हें रोज रात में एक ऐसी सूचना मिल रही है जो झटके के समान होती है।

नई दिल्ली से वाशिंगटन के रास्ते में वे रात्रि विश्राम के लिए जब फ्रैंकफर्ट में रुके तो बृहस्पतिवार तड़के उन्हें जगाकर जम्मू-कश्मीर के हीरानगर और सांबा में सुरक्षाकर्मियों पर आतंकियों के हमले की सूचना दी गई।


इससे रविवार को उनकी पाक प्रधानमंत्री से होने वाली मुलाकात पर सवाल खड़े होने लगे। इसके बाद बृहस्पतिवार रात को वह जब वाशिंगटन में सोए तो शुक्रवार तड़के ही दागियों को बचाने वाले अध्यादेश के विरोध में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी की टिप्पणी ने उनकी नींद उड़ा दी।

राहुल के बयान के बाद वह इतना असहज हो गए कि उन्होंने विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के साथ लंबी बातचीत के बाद उन्होंने मसले पर बयान भी जारी कर दिया।

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