फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   manmohan singh leaves on monday for visits to japan

जापान से एटमी डील को परवान चढ़ाएंगे मनमोहन

Fri, 24 May 2013 10:34 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 24 May 2013 10:34 PM IST
विज्ञापन
manmohan singh leaves on monday for visits to japan

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की 27 मई से शुरू हो रही चार दिवसीय जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच सामरिक साझेदारी को और विस्तार प्रदान करने के साथ द्विपक्षीय व्यापार, असैनिक परमाणु करार और निवेश पर गहन मंथन होगा।

विज्ञापन


इस दौरान भूकंप के कारण फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में हादसे के बाद पटरी से उतरी द्विपक्षीय असैनिक परमाणु करार पर समझौते की गाड़ी नए सिरे से पटरी पर आ सकती है।
विज्ञापन


विदेश सचिव रंजन मथाई के मुताबिक भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने जा रहे प्रधानमंत्री अपने जापानी समकक्ष शिंजो अबे के साथ हाई स्पीड रेल परियोजना के साथ कई बड़ी परियोजनाओं पर भी चर्चा करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिखर सम्मेलन 29 मई को होगा। इससे एक दिन पहले मनमोहन सिंह के लिए जापान के प्रधानमंत्री निजी भोज का आयोजन करेंगे। बीते साल नवंबर में जापान में चुनाव के कारण टाली गई इस यात्रा को दोनों देश बेहद महत्व दे रहे हैं।

पीएम की जापान यात्रा को कूटनीतिक और दोस्ती के लिहाज से बेहद अहम बताते हुए विदेश सचिव मथाई ने बताया कि दोनों देश एक दूसरे के हितों से संबंधित सभी मुद्दों पर बातचीत करेंगे।

उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से मनमोहन सिंह अपने जापानी समकक्ष के साथ असैनिक परमाणु सहयोग, सामरिक सहयोग, देश की बड़ी योजनाओं में जापान का निवेश, व्यापार, विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और अन्य सभी जरूरी मुद्दों पर बात करेंगे। विभिन्न समझौतों के संपन्न होने के बाद संयुक्त बयान जारी होगा।

भारत-जापान के बीच असैनिक परमाणु करार के अब तक सिरे नहीं चढ़ पाने के संबंध में मथाई ने कहा कि इस पर फिलहाल बातचीत जारी है।

जापान को सुरक्षा से संबंधित कई आशंकाएं और अपेक्षाएं हैं, मगर हमें लगता है कि साल के अंत तक समझौते के संदर्भ में बीच का रास्ता निकल आएगा।

मथाई के मुताबिक प्रधानमंत्री की चार दिवसीय यात्रा में व्यापार और निवेश के संदर्भ में मुख्य रूप से चर्चा होगी। खासतौर पर दुनिया की सबसे बड़ी 1483 किमी की योजना दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) पर चर्चा होगी, जिसमें जापान को आर्थिक और तकनीकी सहायता देना है।

मथाई के मुताबिक इस समय भारत और जापान का कुल व्यापार 17.5 अरब डॉलर पहुंच चुका है। दोनों देशों की कोशिश व्यापार को और बढ़ाने की है। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री 28 मई को जापान के व्यावसायिक वर्गों और जापान-इंडिया पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप लीग को भी संबोधित करेंगे।

विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक इस यात्रा में द्विपक्षीय असैनिक परमाणु करार की राह आसान होने की उम्मीद है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि फुकुशिमा हादसे के बाद जापान की एक लॉबी भारत के साथ करार का विरोध कर रही थी। मगर नई परिस्थितियों में अब इस लॉबी का रुख भी सकारात्मक है।


उक्त अधिकारी ने बताया कि इस यात्रा के दौरान भारत जापान से बुलेट ट्रेन निर्यात किए जाने पर जोर देगा। प्रधानमंत्री अपनी इस यात्रा के दौरान जापान के महाराजा अकीहितो तथा महारानी मिशिको से भी सौजन्य मुलाकात करेंगे। जापान से लौटते हुए प्रधानमंत्री एक दिन के लिए थाइलैंड में भी रुकेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed