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'मनमोहन सरकार देश की आर्थिक संप्रभुता के लिए खतरा'

Fri, 09 Nov 2012 05:21 PM IST
नई दिल्ली /एजेंसी/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली /एजेंसी/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 09 Nov 2012 05:21 PM IST
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Manmohan Singh government is a threat to the country's economic sovereignty says kejrival

टीम केजरीवाल ने बडा खुलासा करते हुए मनमोहन सरकार को देश की आर्थिक संप्रभुता के लिए सबसे बडा खतरा बताया है। केजरीवाल ने आज आरोप लगाया कि मनमोहन सरकार देश में हवाला को बढावा दे रही है और काला धन का कारोबार करने वालों को बचा रही है।

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इंडिया अंगेस्ट करप्शन के नेता अरविंद केजरीवाल व जाने-माने वकील प्रशांत भूषण ने आज चौथा खुलासा करते हुए बताया कि स्विटजरलैंड की राजधानी जिनेवा स्थित हांगकांग एंड शांघाई कारपोरेशन बैंक (एचएसबीसी) में प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी के करोडों रुपए जमा है। कांग्रेस सांसद अनु टंडन का भी उस बैंक में खाता है और जुलाई 2011 में उनके खाते में 125 करोड़ रुपए जमा थे, जबकि सरकार ने संसद में दावा किया था कि किसी भी सांसद के पैसे स्विटजरलैंड के किसी बैंक में नहीं है।
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केजरीवाल ने आरोप लगाया कि एसएसबीसी हवाला का कारोबार कर रही है और भारत में भ्रष्टाचार, आतंकवाद और तस्करी को बढावा दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल इस बैंक के भारत में होने वाले कामकाज पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए और उसके शीर्ष अधिकारियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमे चलाने चाहिए।
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केजरीवाल ने स्विस बैंक के जिन खातों की जानकारी दी, उनमें से अधिकांश उद्योग जगत के दिग्गजों से जुड़े हैं। इनमें मुकेश व अनिल के अतिरिक्त जेट एयरवेज के नरेश गोयल, यशोवर्द्घन बिड़ला और डाबर के बर्मन बंधु शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उन्नाव की कांग्रेस सांसद अनु टंडन और उनके पति संदीप टंडन के भी स्विस बैंक में खाता हैं। उन्होंने दावा किया कि स्विस बैंकों में जमा काल धन भारत आ सकता है, लेकिन सरकार उसे वापस नहीं लाना चाहती है।

उन्होंने बताया कि सीबीआई के एक पूर्व डायरेक्टर के मुताबिक भारत का 25 लाख्ा करोड़ रुपया काले धन के रूप में स्विस बैंकों में जमा है। लेकिन यह किसका है, इसका आज तक खुलासा नहीं हुआ। केजरीवाल ने बताया कि जुलाई, 2011 में फ्रांस सरकार ने भारत सरकार को एक सीडी दी थी। इस सीडी में स्विस बैंक हांगकांग एंड शांघाई कारपोरेशन बैंक (एचएसबीसी) के 700 खातों की जानकारी थी। ये खाते बैंक की जिनेवा शाखा में थे। उन्होंने कहा कि इसके आधार सरकार ने एक-दो लोगों के घर रेड की लेकिन सभी बड़े नामों को छोड़ दिया।

केजरीवाल ने बताया कि स्विस बैंक एचएसबीसी की जिनेवा शाखा में जुलाई, 2006 तक मुकेश अंबानी के 100 करोड़, अनिल अंबानी के 100 करोड़, रिलायंस इंडस्ट्रीज के 500 करोड़, पूर्व आईआरएस अधिकार और रिलायंस ग्रुप के सदस्य रह चुके संदीप टंडन के 125 करोड़, उनकी पत्नी और उन्नाव की कांग्रेस सांसद अनु टंडन के 125 करोड़, जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल के 80 करोड़ और डाबर के बर्मन बंधुओं के 25 करोड़ जमा थे।


रिलायंस ने किया आरोपों का खंडन
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने केजरीवाल के आरोपों का खंडन किया है। कंपनी ने कहा है कि मुकेश अंबानी का एचएसबीसी में कोई खाता नहीं है। उनका नाम गलती से एक खाते में गया था। इसके लिए एचएसबीसी माफी भी मांग चुकी है। कांग्रेस की सांसद अनु टंडन ने भी केजरीवाल के आरोपों को खंडन किया है। उन्होंने कहा कि वह केजरीवाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही हैं। वहीं, भाजपा की प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने मांग की है कि सरकार बताए कि उसने अब तक काले धन के मुद्दे पर क्या किया है।

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