फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Manmohan Singh filed a petition in the Supreme Court

कोयला घोटालाः पूर्व पीएम को अब अपने पूर्व मंत्री का सहारा

Wed, 25 Mar 2015 11:58 PM IST
Updated Wed, 25 Mar 2015 11:58 PM IST
विज्ञापन
Manmohan Singh filed a petition in the Supreme Court

कोलगेट मामले में विशेष अदालत की ओर से आरोपी के तौर पर जारी समन के खिलाफ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनकी याचिकाओं पर संभवत: शुक्रवार को सुनवाई होगी।

विज्ञापन


मनमोहन सिंह की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल जबकि बिड़ला की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे पैरवी करेंगे। 2005 में ओडिशा के तालाबीरा कोयला खदान आवंटन मामले में विशेष अदालत ने मनमोहन सिंह, बिड़ला, पूर्व कोयला सचिव पीसी पारिख समेत छह लोगों को बतौर आरोपी समन जारी किया था। यह खदान बिड़ला की कंपनी हिंडाल्को को आवंटित की गई थी।
विज्ञापन


याचिकाओं में समन पर रोक लगाने की गुहार की गई है। साथ ही इस मामले की सुनवाई पर भी रोक लगाने की गुहार है। सूत्रों के मुताबिक, याचिकाओं में कहा कि इनके खिलाफ पुख्ता सबूत न होने के बाद भी विशेष अदालत ने समन जारी कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

मनमोहन, बिरला और पारिख ने की याचिकाओं दायर

Manmohan Singh filed a petition in the Supreme Court

याचिकाओं में कहा गया कि उड़ीसा के मुख्यमंत्री की सलाह पर प्रधानमंत्री द्वारा लिया गया निर्णय क्रिमिनल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। साथ ही यह भी कहा गया है कि विशेष अदालत को यह परीक्षण करने का अधिकार नहीं है कि राज्य को प्राइवेट सेक्टर प्रोजेक्ट का समर्थन करना चाहिए है कि पब्लिक सेक्टर प्रोजेक्ट को।

विशेष अदालत ने मनमोहन सिंह समेत सभी आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा-120 बी(आपराधिक षडयंत्र) और धारा 409 (लोकसेवक, या बैंकर और व्यापारी या एजेंट द्वारा आपराधिक विश्वासघात करना) और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी बनाकर तलब किया है। इन सभी को आठ अप्रैल को अदालत में पेश होने केलिए कहा गया है।

मनमोहन की दलील

Manmohan Singh filed a petition in the Supreme Court

याचिकाओं में कहा गया है कि पुख्ता सबूत न होने के बाद भी विशेष अदालत ने समन जारी कर दिया। उड़ीसा के मुख्यमंत्री की सलाह पर प्रधानमंत्री (मनमोहन) द्वारा लिया गया निर्णय क्रिमिनल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।

क्या है मामला
वर्ष 2005 में ओडिशा केतालाबीरा कोयला खदान आवंटन मामले में विशेष अदालत ने मनमोहन सिंह, बिरला, पूर्व कोयला सचिव पीसी पारिख समेत छह लोगों को बतौर आरोपी समन जारी किया था। यह खदान बिड़ला की कंपनी हिंडाल्को को आवंटित की गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed