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सियासी विरोध से परे हैं पीएम-आडवाणी के रिश्ते

Fri, 09 Nov 2012 12:01 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 09 Nov 2012 12:01 AM IST
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manmohan singh advani relationships beyond political opposition

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भले ही राजनीति के मैदान में दो विपरीत ध्रुवों पर खड़े हों। पर बात जब निजी रिश्तों की हो तो दोनों सियासी विरोध की दीवार को पीछे छोड़ते हुए आपसी संबंधों की गरमाहट और सौहार्द के इजहार का कोई मौका नहीं गंवाते।

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इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने आडवाणी के जन्मदिन पर बृहस्पतिवार को सुबह ही फोन किया। जाहिर तौर पर जन्मदिन की बधाई देने के साथ पीएम ने आडवाणी के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी जीवन की कामना की।
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पीएमओ सूत्रों के अनुसार इस संवाद के दौरान दोनों नेताओं के बीच निजी रिश्तों की आपसी गरमाहट भी जाहिर हुई। बताया जाता है कि दोनों के बीच आपसी रिश्तों की यह गरमाहट लंबे अर्से से है।
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जहां पीएम आडवाणी को जन्मदिन की बधाई देना नहीं भूलते, वहीं आडवाणी भी मनमोहन सिंह को जन्मदिन समेत हर खास निजी मौके पर अपने शुभकामनाएं देना नहीं भूलते।

साथ ही प्रधानमंत्री के न्यौते में भी अमूमन वे मौजूद रहते हैं। इस साल अगस्त में प्रधानमंत्री की इफ्तार की दावत में शामिल होने वाले आडवाणी भाजपा के एकमात्र बड़े नेता थे।

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