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मनमोहन पर शरीफ को कड़ा संदेश देने का दबाव
उदय कुमार/वाशिंगटन
Updated Fri, 27 Sep 2013 12:52 AM IST
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प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह न्यूयार्क में नवाज शरीफ से रविवार को मुलाकात तो जरूर करेंगे, लेकिन जम्मू में सुरक्षाबलों पर आतंकी हमले के बाद उनके ऊपर दबाव बढ़ गया है।
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बृहस्पतिवार सुबह फ्रैंकफर्ट में घटना की जानकारी मिलने के बाद अपने पाक समकक्ष से रविवार को होने वाली प्रस्तावित बातचीत टालने का दबाव बढ़ने पर प्रधानमंत्री ने खुद आगे आकर कहा कि शांति वार्ता रोकने की आतंकियों की कोशिश को वे कामयाब नहीं होने देंगे।
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लेकिन, उच्चस्तरीय सूत्रों का कहना है कि दोनों प्रधानमंत्रियों की मुलाकात में सीमा पार से आतंकवाद के मसले पर मनमोहन सिंह पाकिस्तान को कड़ा संदेश देंगे।
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फ्रैंकफर्ट में रात्रि विश्राम के बाद बृहस्पतिवार सुबह वाशिंगटन निकलने से पहले प्रधानमंत्री के साथ गए मीडियाकर्मी और अधिकारी प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई देने की तैयारी में थे।
इसी बीच, जम्मू के हीरानगर और सांबा में हुए आतंकी हमले की सूचना आने लगी। सबके मन में सवाल उठने लगा कि इस घटना के बाद 29 सितंबर को न्यूयॉर्क में नवाज शरीफ से मनमोहन की प्रस्तावित मुलाकात का क्या होगा?
मनमोहन सिंह के साथ मौजूद उच्चस्तरीय सूत्रों ने भी इस मसले पर चुप्पी साध ली। इसके बाद प्रधानमंत्री की तरफ से ही बयान आ गया कि शांति वार्ता को पटरी से उतारने की आतंकियों की मंशा वे पूरी नहीं होने देंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस घटना के बावजूद नवाज शरीफ से तय कार्यक्रम के मुताबिक मुलाकात होगी।
लेकिन, प्रधानमंत्री के वाशिंगटन पहुंचने तक यह साफ हो गया था कि भारतीय सुरक्षा बलों पर हमला करने वाले आतंकी पाकिस्तान से सीमा पार करके आए थे।
इसके बाद मनमोहन सिंह पर पाक प्रधानमंत्री के साथ बातचीत को लेकर दबाव और बढ़ गया है।
विमान में नहीं कटा बर्थ-डे केक
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के हमले में भारतीय सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की घटना के चलते प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का जन्मदिन भी नहीं मनाया जा सका।
सूत्रों के मुताबिक मीडियाकर्मियों और प्रधानमंत्री के साथ चल रहे अफसरों ने तय किया था कि फ्रैंकफर्ट से वाशिंगटन के लिए जाते हुए विशेष विमान में ही प्रधानमंत्री से जन्मदिन का केक कटवाया जाएगा।
लेकिन, हादसे से दुखी प्रधानमंत्री की अनिच्छा को देखते हुए बर्थ-डे केक काटने का कार्यक्रम टाल दिया गया।
सुहाने मौसम पर भारी माहौल की गर्मी
बृहस्पतिवार सुबह हल्की ठंड में फ्रैंकफर्ट का नजारा देखने लायक था। वाशिंगटन के लिए निकलने से पहले भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य ऐसे नजारे को जब कैमरे में कैद करने निकले तो हल्की बारिश भी उनके स्वागत को आ गई।
लेकिन प्रधानमंत्री के जन्मदिन और सुहाने मौसम में सबके चेहरों पर बिखर रही ये खुशी उस समय काफूर हो गई जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर आतंकी हमले की जानकारी आने लगी।
अफसरों ने जब मीडियाकर्मियों को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री घटना पर बयान देंगे, तो माहौल में अचानक गर्मी आ गई और सुहाने मौसम की चर्चा पीछे छूट गई।