'मनमोहन भुगत रहे कांग्रेस के पापों का दंड'
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केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस हाईकमान ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोल ब्लॉक की नीलामी नहीं करने दी और अब वह अपनी पार्टी के ‘पापों’ का दंड भुगत रहे हैं।
उन्होंने रविवार को कहा, ‘आखिर क्यों मनमोहन इस मुसीबत में फंसे हैं? क्योंकि कांग्रेस की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी। मैं कभी-कभी मनमोहन सिंह के लिए दया महसूस करता हूं क्योंकि वह कोयला खानों के लिए नीलामी की प्रक्रिया अपनाना चाहते थे। लेकिन उनमें ऐसा कहने का साहस नहीं था।’
वरिष्ठ भाजपा नेता ने इस बारे में पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा कि ‘ये कांग्रेस के पाप थे। कांग्रेस सिफारिशी चिट्ठियां भेजकर बता रही थी कि किन लोगों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए जाने हैं।’
जावड़ेकर के मुताबिक, ‘यह नहीं कहा जा सकता कि मनमोहन अपराधी नहीं हैं। आप ऐसी जगह बैठे थे, जहां सत्ता आपके हाथ में थी लेकिन आपने अपनी शक्ति का इस्तेमाल नहीं किया और यह भी अपराध है। उन्हें अपने अधिकारों का इस्तेमाल करना चाहिए था।’
'कपिल सिब्बल माफी मांगें'
जावड़ेकर ने कहा कि पूर्व कैग विनोद राय की कोयला घोटाले में नुकसान के आंकलन की रिपोर्ट को बोगस बताने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल को भी माफी मांगनी चाहिए।
कोयला आवंटन में 1.86 लाख करोड़ के नुकसान के आकंलन को खारिज करते हुए सिब्बल ने ‘जीरो लॉस’ की बात कही थी। लेकिन अब 32 कोयला ब्लॉकों के आवंटन से ही दो लाख करोड़ का राजस्व मिल चुका है।
जावड़ेकर ने स्वामी के बयान से झाड़ा पल्ला
भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पार्टी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी के विवादास्पद बयान से पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने कहा कि बयान स्वामी की निजी राय है, इसका पार्टी से कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने कहा कि हम इस मामले में उनसे बात करेंगे।
विवादास्पद बयान पर स्वामी को पार्टी से निकालने जाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मैं इस बारे में अभी कुछ नहीं कह सकता हूं।