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'मनमोहन फैक्टर' कर रहा है नरेंद्र मोदी को 'हिट'

Thu, 03 Apr 2014 12:41 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 03 Apr 2014 12:41 PM IST
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Manmohan factor is giving publicity to Modi

राहुल गांधी की टीम मान रही है कि 'मनमोहन फैक्टर' नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में इजाफा कर रहा है। दस साल तक देश के प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह की अप्रभावी इमेज कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने के साथ साथ मोदी की लोकप्रियता में इजाफा कर रही है।

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चुनाव प्रचार का काम देख रही राहुल गांधी की टीम को इस समय अपने प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति खल रही है।

टीम को लगता है कि अपने कार्यकाल में मनमोहन सिंह कभी भी एक कद्दावर प्रधानमंत्री के तौर पर उभर कर सामने नहीं आ पाए और इसी के कारण मतदाता मोदी के आक्रामक व्यक्तित्व के मोह तले खिंचा जा रहा है।
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'सीएम' के आगे कमजोर पड़ गया पीएम

Manmohan factor is giving publicity to Modi

सूत्रों के मुताबिक टीम राहुल समझ चुकी है कि चुनाव जीतने के लिए केवल राहुल और सोनिया का प्रचार काम नहीं कर पाएगा। अगर कांग्रेस प्रधानमंत्री कुछ हद तक मुखर होते तो कांग्रेस अपने दस साल की कुछ उपलब्धियों को भुना पाती। लेकिन मामला ठीक उलट है।

मनमोहन की अप्रभावी इमेज कांग्रेस को फायदे के बजाय नुकसान पहुंचा रही है।

टीम को लगता है कि एक प्रदेश के सीएम के मुकाबले एक देश का पीएम ज्यादा कमजोर साबित हुआ है और इसका असर मतदाता की सोच पर जरूर पड़ेगा।

आखिर क्यों खामोश हैं मनमोहन

Manmohan factor is giving publicity to Modi

सवाल ये भी उठ रहा है कि आखिर दस साल तक देश की बागडोर संभालने वाले मनमोहन सिंह एकाएक चुप कैसे हो गए हैं।

मनमोहन न तो रैलियों को संबोधित कर रहे हैं और न ही बयान दे रहे हैं। चुनावी वक्त में तो कम से कम मनमोहन को मुखर होना चाहिए।

दूसरी बात ये भी सामने आ रही है कि मुखर व्यक्तित्व न होने के चलते सोनिया गांधी ने एक बार भी मनमोहन से प्रचार करने का आग्रह नहीं किया है।

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घोटालों ने किया बंटाधार

Manmohan factor is giving publicity to Modi

टीम राहुल को लगता है कि डिसीजन मेकर न होने के साथ-साथ मनमोहन में एक कमी ये भी रही कि वो कभी खुलकर सामने नहीं आए।

प्रधानमंत्री होने के नाते मनमोहन यूपीए के काल में कोयला और टेलीकॉम घोटालों को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे और इसी के चलते भाजपा को चुनाव प्रचार में कांग्रेस पर हावी होने का मौका मिल गया।

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