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मांझी ने खत्म किया नीतीश का महादलित एजेंडा

Sun, 15 Feb 2015 08:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटना
ब्यूरो/अमर उजाला, पटना Updated Sun, 15 Feb 2015 08:59 AM IST
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manjhi ended mahadalit agenda of nitish.

मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने शनिवार को अपने आवास पर कैबिनेट की विशेष बैठक बुलाई। बैठक में कुल आठ प्रस्तावों पर मुहर लगी।

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नीतीश कुमार के महादलित एजेंडे को खत्म करते हुए बैठक में यह फैसला लिया गया कि महादलित के विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ अब पासवान (दुसाध) जाति को भी मिलेगा। इसके पहले अनुसूचित जाति की 18 अन्य जातियों को यह लाभ मिलता रहा है।

कैबिनेट के प्रधान सचिव बी प्रधान ने कहा कि जहां कहीं भी अनुसूचित जनजाति का परिवार है, वहां इसी जाति के लोग विकास मित्र के रूप में चयनित होंगे। माझी कैबिनेट ने एक अन्य फैसले में दरभंगा अभियंत्रण महाविद्यालय का नाम डॉ. जगन्नाथ मिश्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दरभंगा कर दिया है। इसी प्रकार बिहार उर्दू अकादमी को वित्तीय वर्ष 14-15 में सहायक अनुदान-वेतन मद 36.62 लाख और विकास कार्य के लिए 1.96 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
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पासवान भी महादलित श्रेणी में

manjhi ended mahadalit agenda of nitish.
मालूम हो कि पासवान को भी महादलित की श्रेणी में शामिल करने से अब दलित श्रेणी में कोई नहीं बचा। बैठक के दौरान मांझी ने पत्रकार पेंशन योजना को शुरू करने का भी फैसला लिया। 60 वर्ष की उम्र वाले पत्रकारों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन देने की भी बात कही।

पत्रकारों को ढाई हजार रुपये प्रतिमाह परिवारिक पेंशन भी मिलेगा। यह सुविधा केवल उन पत्रकारों को मिलेगा जिन्हें बीस साल का अनुभव हो।

मांझी दलितों के सबसे बडे नेता: पप्पू यादव
राजद सांसद पप्पू यादव ने कहा है कि भीमराव अंबेडकर और कांशीराम के बाद जीतनराम मांझी दलितों के सबसे बड़े नेता हैं। उन्होंने कहा कि पीके शाही और ललन सिंह के इशारे पर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी को प्रताड़ित करते रहे हैं। जब मांझी ने नीतीश कुमार के इशारे पर काम करना बंद कर दिया, तो उनके खिलाफ साजिश शुरू कर दी गई है। राजद नेता लालू प्रसाद के बेटे के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यादव ने कहा कि राजद में उनके नेता केवल लालू प्रसाद यादव हैं।
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