कांग्रेस का सवाल, क्या IS के साथ बिजनेस कर रही है मोदी सरकार?
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कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने पूछा है कि क्या भारत सरकार लीबिया में आईएस के साथ कारोबार कर रही है?
लीबिया में शुक्रवार को अगवा किए गए गए चार भारतीयों में से दो को छुड़ाए जाने पर उन्होंने कहा, 'मुझे खुशी है कि सिर्त में दो भारतीयों को छुड़ा लिया गया है, जो बचे हैं उनके लिए प्रार्थना करें।' हालांकि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के उस ट्वीट पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें खुशी है कि लीबिया में चार भारतीयों में से दो लक्ष्मीकांत और विजय को छुड़ा लिया गया है, मनीष तिवारी ने तंज किया है।
ट्विटर उन्होंने कहा कि सुषमा अगवा भारतीयों का छुड़ाने का श्रेय ले रही हैं, क्या भारत लीबिया में आईएस के साथ कारोबार कर रहा है? चूंकी विदेश मंत्री लीबिया में आईएस या आईएसआईएस के साथ हॉटलाइन से जुड़ी हुई हैं, तो उन पंजाब के उन 57 व्यक्तियों का क्या हुआ। विदेशमंत्री, वे जीवित हैं या मर गए।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को लीबिया में चार भारतीयों को अगवा किए जाने की खबर आई थी। आशंका जताई गई कि आईएस के कथित आतंकियों ने अपहरण किया है, हालांकि बाद में दो भारतीयों को छुड़ा लिया गया।
तिवारी के ट्वीट पर भाजपा ने किया पलटवार
तिवारी के ट्वीट के पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने कहा है हमारे किसी काम से देश के लोगों का फायदा होता है तो कांग्रेस को खलबली क्यों होती है।
लीबिया में जिन चार भारतीय को अगवाह किया था, वे अध्यापक हैं। बताया जा रहा है कि वे ग भारत वापस लौट रहे थे। इन्हें लीबिया की राजधानी त्रिपोली और ट्यूनीशिया की राजधानी ट्यूनिस से लौटते वक्त सिर्त शहर के पास अगवा किया गया।
चारों भारतीयों को सिर्त से करीब 50 किलोमीटर दूर एक जांच चौकी पर रोक लिया गया। हालांकि बाद में दो को छोड़ दिया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि जिन दो भारतीयों को छोड़ा गया है कि उनके नाम लक्ष्मीकांत और विजय कुमार हैं। इन्हें सुरक्षित सिर्त विश्वविद्यालय लाने में सफलता मिल गई है। जबकि दो अन्य को सुरक्षित लाने के प्रयास जारी हैं।
विकास स्वरुप बोले, परिवारों के संपर्क में बने हुए हैं
विकास स्वरूप ने अपने बयान में कहा, 'हम अध्यापकों के परिवारों के संपर्क में लगातार बने हुए हैं और दो अन्य भारतीयों को जल्द छुड़ाने और उनकी सलामती सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।'
उन्होंने कहा कि जिस जगह से भारतीयों का अपहरण किया गया है, वह इलाका इस्लामिक स्टेट के नियंत्रण में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि त्रिपोली में हमारे मिशन को दो दिन पहले, 29 जुलाई को शाम करीब 11 बजे पता चला कि त्रिपोली और ट्यूनिस के जरिए भारत लौट रहे चार भारतीयों का सिर्त से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर एक जांच चौकी पर अपहरण किया गया।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अब तक फिरौती की कोई मांग नहीं की गई है। मालूम हो कि आईएस ने इराक और सीरिया में कई इलाकों पर कब्जा कर लिया है। भारत सरकार ने संघर्ष प्रभावित लीबिया में चिंताजनक स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पिछले वर्ष जुलाई में एक परामर्श जारी करके अपने नागरिकों को लीबिया छोड़ने की सलाह दी थी। यह घटना ऐसे समय हुई है जब इराक में 39 भारतीय लापता हैं।