नूडल्स के बाद अब आम बिगाड़ सकता है आपकी सेहत
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आजकल बाजार में बिक रहा मीठा रसीला आम आपकी सेहत को बिगाड़ सकता है। दरअसल, बाजार में आने से पहले ये आम पेड़ों पर नहीं, बल्कि गोदामों में कैल्शियम कार्बाइड से पकाए जाते हैं, जो सेहत को बेहद नुकसान पहुंचाते हैं।
खास बात यह है कि भारत में खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कार्बाइड से आमों को कृत्रिम ढंग से पकाने की इजाजत नहीं है, लेकिन कारोबारी इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि पेड़ पर पका आम स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा होता है।
सेहत पर असर
कैल्शियम कार्बाइड से पके आम को खाने से दिमाग और शरीर के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इसे पकाने के दौरान निकलने वाली एसिटीलीन गैस निकलती है, जिससे हृदय, त्वचा, मुंह, गले के अलावा सांस एवं पाचन संबंधित समस्याएं पैदा हो जाती हैं। साथ ही कैंसर, डायरिया, सिर दर्द और पेट दर्द की समस्याओं से भी जूझना पड़ता है।
छह घंटे में पक जाते हैं फल
कैल्शियम कार्बाइड से बमुश्किल छह घंटे में ही कच्चे आम पक जाते हैं, जबकि पेड़ में पकने में समय लगता है। साथ ही इस विधि से आम पकाने से विटामिन और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इस कृत्रिम विधि से पकाने के लिए आम के साथ कार्बाइड के टुकड़ों को रखा जाता है। कार्बाइड से आम पकाने की प्रक्रिया के दौरान एसिटीलीन नामक गैस बनाता है, जो स्वास्थ्य के लिए जहर का काम करती है।
कैसे करें पता
पेड़ पर पके आम की तुलना में कार्बाइड से पके आम में मिठास कम होती है। साथ ही आम के छिलके सिकुड़े से नजर आते हैं और उस पर चेिकत्ते पड़ जाते हैं।