मर्दों का 'असली पावर' घटा सकता है यह रोग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिन-ब-दिन पुरुषों की प्रजनन क्षमता घटती जा रही है। यह समस्या देन है आज की भागमभाग भरी जिंदगी की। इसके चलते शरीर बीमारियों का घर बनता जा रहा है और पुरुषों में संतानोत्पत्ति की क्षमता कम होती जा रही है।
बीमारी की इस अवस्था का नाम है एंड्रोपॉज। यह तथ्य बीएचयू के जंतु विज्ञान विभाग के प्रो. अमिताभ कृष्णा के निर्देशन में चल रहे शोध के आरंभिक निष्कर्षों में सामने आए हैं।
प्रो. कृष्णा ने बताया कि अब तक सामान्यत: 80 साल तक पुरुष संतानोत्पत्ति करने में समर्थ होते थे। लेकिन हालिया शोधों में यह बात सामने आई कि अब यह आयु घटकर 60-65 वर्ष तक ही सिमट गई है। यही नहीं मोबाइल, कंप्यूटर और फास्ट फूड जैसी चीजों पर टिकी आधुनिक जीवनशैली के चलते युवा भी इसके शिकार हो रहे हैं। इसके बाद उन्होंने इसके कारणों का पता लगाने के लिए शोध शुरू किया।
‘ग्लूकोज ट्रांसपोर्टर’ निभाता है अहम भूमिका
प्रो. कृष्णा का कहना है कि वे मनुष्यों पर प्रयोग नहीं कर सकते। इस तरह के प्रयोग पहले चूहों पर किए जाते हैं। प्रयोग से पता चला कि शरीर के जिस अंग में शुक्राणु (स्पर्म) बनते हैं, उसकी कोशिकाओं को शरीर में मौजूद ग्लूकोज से ऊर्जा मिलती है।
आरंभिक निष्कर्षों में यह पता चला कि पाचन तंत्र की गड़बड़ी और आधुनिक जीवनशैली के दुष्प्रभावों के चलते जिस अंग में स्पर्म बनते हैं वह ग्लूकोज ग्रहण ही नहीं कर पा रहा है। इसके चलते स्पर्म नहीं बन रहे हैं या जरूरत से कम बन रहे हैं। नतीजा यह कि एंड्रोपॉज की अवस्था में व्यक्ति उम्र से पहले ही अपना पौरुष खो दे रहा है।
प्रो. अमिताभ कृष्णा के मुताबिक मनुष्य के शरीर में सभी कोशिकाओं तक ग्लूकोज पहुंचाने का काम ग्लूकोज ट्रांसपोर्टर (ग्लूट) करता है। इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। बदलती जीवनशैली के साथ बदले आहार-विहार के चलते इसकी क्रिया प्रणाली भी प्रभावित हुई है। अब इस दिशा में काम किया जा रहा है कि जीवनचर्या में सुधार लाकर किस तरह से ग्लूट को और सक्रिय किया जा सकता है और पुरुषों की संतानोत्पत्ति की क्षमता लंबी उम्र तक बरकरार रखी जा सकती है।
बचाव के तरीके
-मोबाइल का कम से कम इस्तेमाल
-कंप्यूटर जब जरूरी हो तभी इस्तेमाल करें
-फास्ट फूड से बचें।
-तनाव से बचने के लिए योग करें
-विपरीत परिस्थितियों में खुश रहें