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आतंक मचाने वाला आदमखोर बाघ ढेर
एजेंसी/ऊटी
Updated Thu, 23 Jan 2014 04:46 PM IST
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तमिलनाडु के मशहूर हिल स्टेशन ऊटी में उत्पात मचाने वाला आदमखोर बाघ को शिकारियों ने करीब बीस दिन की कडी मशक्कत के बाद मार गिराया।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार नीलगिरी जिले के डोंडाबेड्डा के जंगल में वन विभाग की रैपिड एक्शन फोर्स ने इस आदमखोर बाघ का अंत किया।
तीन लोगों को बना चुका था शिकार
यह बाघ पिछले दिनों के दौरान तीन व्यक्तियों को अपना शिकार बना चुका था जिसमें दो महिला थी। इसका आतंक जिले के 20 गांव में फैला हुआ था।
सूत्रों के अनुसार बाघ के खौफ से खौफजदा ग्रामीणों को इसके आतंक से निजात दिलाने के लिये विभाग के विभिन्न स्थानों पर 22 कैमरे और कुत्ते सहित 16 पिंजडे लगाये थे।
बाघ के आतंक का आलम यह था कि जिला प्रशासन ने बाघ के आतंकवाले क्षेत्र में पडने वाले 70 स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गयी थी और स्थानीय निवासियों को सख्त ताकीद दी गयी थी कि वे अकेले घर से बाहर न निकलें।
वन विभाग और पर्यावरणविदों ने बाघ के आदमखोर होने और कई मवेशियों को निशाना बनाने के बाद नागरिकों में उत्पन्न भय को समाप्त करने के लिये इस बाघ को मारने का फैसला लिया
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वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार नीलगिरी जिले के डोंडाबेड्डा के जंगल में वन विभाग की रैपिड एक्शन फोर्स ने इस आदमखोर बाघ का अंत किया।
तीन लोगों को बना चुका था शिकार
यह बाघ पिछले दिनों के दौरान तीन व्यक्तियों को अपना शिकार बना चुका था जिसमें दो महिला थी। इसका आतंक जिले के 20 गांव में फैला हुआ था।
सूत्रों के अनुसार बाघ के खौफ से खौफजदा ग्रामीणों को इसके आतंक से निजात दिलाने के लिये विभाग के विभिन्न स्थानों पर 22 कैमरे और कुत्ते सहित 16 पिंजडे लगाये थे।
बाघ के आतंक का आलम यह था कि जिला प्रशासन ने बाघ के आतंकवाले क्षेत्र में पडने वाले 70 स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गयी थी और स्थानीय निवासियों को सख्त ताकीद दी गयी थी कि वे अकेले घर से बाहर न निकलें।
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वन विभाग और पर्यावरणविदों ने बाघ के आदमखोर होने और कई मवेशियों को निशाना बनाने के बाद नागरिकों में उत्पन्न भय को समाप्त करने के लिये इस बाघ को मारने का फैसला लिया
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