'मालदा में बीएसएफ और स्थानीय लोगों में हुआ संघर्ष'
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि राज्य में सांप्रदायिक तनाव नहीं है। उन्होंने मालदा में हुई हिंसा को लेकर शनिवार को कहा कि यह सांप्रदायिक हिंसा की घटना नहीं बल्कि स्थानीय लोगों और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के बीच संघर्ष की घटना थी।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह अलग मामला है। इसमें प्रशासन की कोई भूमिका नहीं थी। यह बीएसएफ की स्थानीय लोगों की आपसी झड़प थी। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि आपको इस बारे में सवाल नहीं करना चाहिए था।
इस घटना को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। हमने हालात पर काबू पा लिया है।
राज्य में कोई तनाव नहीं
मालूम हो कि रविवार को अल्पसंख्यकों की ओर से निकली एक रैली के दौरान उसमें
शामिल लोगों ने जमकर बवाल किया था। इस दौरान 40 वाहन जला दिए गए थे। लोगों
ने कालियाचक थाने में तोड़फोड़ व आगजनी की थी।
पुलिस का कहना है कि बीएसएफ
के एक वाहन के आगे निकलने के प्रयास में रैली में शामिल लोगों से कहासुनी
हुई और उसके बाद ही हिंसा भड़की। ममता ने शुक्रवार को यहां वैश्विक व्यापार
सम्मेलन के दौरान भी दावा किया था कि राज्य में कोई सांप्रदायिक तनाव नहीं
है।
केंद्र ने इस मामले पर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। दूसरी ओर,
भाजपा समेत तमाम विपक्षी दलों ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर हमलावरों को
संरक्षण देने का आरोप लगाया है।