ममता पर कसा शिंकजा, बच पाएंगी वो?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शारदा चिटफंड घोटाले का शिकंजा अब धीरे-धीरे तृणमूल कांग्रेस और उसके नेताओं पर कस रहा है। इस मामले में पिछले साल से जेल में बंद तृणमूल के निलंबित सांसद और शारदा समूह की मीडिया कंपनी के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुणाल घोष ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लिखे पत्र में पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी और उनके कुछ करीबी नेताओं पर सीधा निशाना साधा है।
उधर, घोटाले की जांच कर रहे ईडी ने तृणमूल के राज्यसभा सांसद मिथुन चक्रवर्ती को भी इस सिलसिले में पूछताछ के लिए समन भेजने का फैसला किया है। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर घोटाले की जांच करने वाली सीबीआई के विशेष जांच दल ने इस मामले में 46 प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिनमें से तीन बंगाल में हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रही जांच
कुणाल ने अपने पत्र में ममता पर सीधे अंगुली उठाते हुए कहा है कि तृणमूल के विपक्ष में रहते शारदा समूह के टीवी चैनलों और अखबारों का पार्टी के प्रचार के लिए भरपूर इस्तेमाल किया गया।
समूह के मालिक सुदीप्त सेन ने पिछले साल सीबीआई को घोटाले के बारे में जो पत्र लिखा था वह उनसे जबरन लिखवाया गया था। तृणमूल कांग्रेस से नजदीकियों की वजह से पत्रकार से राज्यसभा सदस्य बने कुणाल ने कहा है कि ममता समेत पार्टी के कई बडे़ नेताओं को पहले से ही शारदा घोटाले की जानकारी थी।
लेकिन वे चुप्पी साधे रहे। उल्टे तृणमूल के कुछ नेता सुदीप्त सेन से मोटी रकम लेते रहे। उन्होंने इस घोटाले में शामिल तमाम बड़े नेताओं से पूछताछ की मांग उठाई है।