संघ और एबीवीपी पर 'निगाह' रखेंगी ममता बनर्जी
पिछले साल राज्य के विभिन्न कालेजों में परिषद की सिर्फ 60 शाखाएं थी जो अब बढ़ कर 325 तक पहुंच गई हैं। भाजपा से जुड़े छात्र संगठन का असर अचानक बढ़ने से ममता खासी परेशान हैं।
राज्य में संघ के 60 हजार पूर्णकालिक कार्यकर्ता हैं। संगठन ने हाल ही में रायगंज जिले में एक शिविर का भी आयोजन किया था, जिसमें भारी भीड़ जुटी थी।
जानकार सूत्रों के मुताबिक, ममता इन संगठनों की गतिविधियों पर नजदीकी निगाह रख रही हैं। कोलकाता में हुई संघ की रैली में उमड़ी भीड़ ने भी उनकी चिंता बढ़ा दी है, इसलिए उन्होंने जिला शाखाओं से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
ममता ने संघ और विद्यार्थी परिषद पर मांगी रिपोर्ट
राज्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बढ़ते प्रभाव से चिंतित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के सभी जिला स्तरीय नेताओं से इन दोनों संगठनों की गतिविधियों पर एक रिपोर्ट मांगी है। जिसे एक पखवाड़े में भेजने को कहा है।
तृणमूल कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद ममता इस बात की समीक्षा करेंगी कि आखिर राज्य में इन दोनों संगठनों के लगातार बढ़ते असर की वजह क्या है। उसके बाद वे इस असर की काट की रणनीति तय करेंगी।
माओवाद बहुल पुरुलिया जिले के दो कालेजों में हाल में हुए चुनावों में विद्यार्थी परिषद ने तृणमूल के छात्र संगठन को पटखनी देते हुए शानदार जीत हासिल की थी। इन नतीजों से परेशान ममता ने पुरुलिया के छात्र नेता शांतिराम महतो को बुला भी रिपोर्ट मांगी थी।