{"_id":"8f8ffa92-6a1e-11e2-93f9-d4ae52bc57c2","slug":"mamata-rules-out-separation-of-gorkhaland-from-bengal","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलग गोरखालैंड की मांग को खारिज किया ममता ने","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
अलग गोरखालैंड की मांग को खारिज किया ममता ने
दार्जिलिंग/एजेंसी
Updated Tue, 29 Jan 2013 07:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर बंगाल महोत्सव के उद्घाटन के मौके पर कहा कि दार्जिलिंग की पहाड़ियां राज्य का हिस्सा बनी रहेंगी। यद्यपि अलग राज्य की मांग को लेकर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के कुछ समर्थकों ने वहां नारे लगाए।
विज्ञापन
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष व गोरखालैंड टेरीटोरियल अथारिटी के मुख्य कार्यकारी बिमल गुरंग की मौजूदगी में ममता ने पिक्चरस्क्वे माल में हो रहे रंगारंग कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हम साथ-साथ रह रहे हैं, आगे भी रहेंगे।
विज्ञापन
दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल का हिस्सा बना रहेगा। अब ऐसी कोई समस्या नहीं आनी चाहिए जिससे फिर विकास में रुकावट आए। लेकिन उस समय असमंजस की स्थिति बन गई जब उनके संक्षिप्त भाषण के अंत में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के कुछ समर्थकों ने अलग गोरखालैंड की मांग करते हुए वहां नारे लगाने और पोस्टर दिखाने शुरू कर दिए।
विज्ञापन
इस पर ममता गुस्से में उठ खड़ी हुईं और प्रदर्शनकारियों को विरोध न करने की चेतावनी देते हुए कहा कि यह सब पार्टी के मंच पर करें। उन्होंने कहा कि याद रखें यह सरकारी कार्यक्रम है, किसी पार्टी का नहीं। ऐसे मामलों पर मैं बहुत सख्त हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप अपनी पार्टी के कार्यक्रमों में ऐसे नारे लगाने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन इस सरकारी कार्यक्रम में ऐसा नहीं कर सकते हैं। ऐसा करके लोगों को गलत संदेश मत दीजिए कि दार्जिलिंग फिर से समस्याग्रस्त हो गया है। यह कह कर वे मंच छोड़ कर दर्शकों के बीच बैठ गईं पर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के समर्थक अपनी पार्टी का झंडा फहराते रहे।