7 करोड़ से ज्यादा लोगों को दो रुपये किलो गेहूं-चावल
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पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार राज्य में सात करोड़ से ज्यादा लोगों को दो रुपये किलो की दर से चावल और गेहूं मुहैया कराएगी। शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस मुद्दे पर नीतिगत फैसला लिया गया।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ही इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना अगले साल 27 जनवरी से शुरू होगी।
ममता सरकार के इस फैसले को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से जोड़ कर देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लोगों को खाद्य सुरक्षा मुहैया कराने के लिए सरकार सात करोड़ लोगों को दो रुपये किलो की दर पर चावल और गेहूं की सप्लाई करेगी। हर कार्डधारक को महीने में पांच किलो दाल भी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 70 लाख लोगों ने सब्सिडी दर पर खाद्यान्न लेने के लिए फार्म भरे हैं। उनको बाजार दर से भी आधी कीमत पर दाल मिलेगी।
ममता के मुताबिक, इसके लिए राज्य व केंद्र की विभिन्न परियोजनाओं में फेरबदल किया गया है। कैबिनेट की बैठक में प्रशासनिक सहूलियत के लिए नए जिलों व सबडिवीजनों के गठन को भी हरी झंडी दिखाई गई।
कौन क्या खाता है, यह एक निजी मामला : ममता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्वतंत्रता देने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि कौन क्या खाता है और कौन से धर्म का अनुसरण करता है, ये निजी चुनाव है। उन्होंने कहा कि कोई भी किसी को ये नहीं बता सकता कि उसे क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।
ममता ने कहा कि नागरिकों की धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना किसी भी सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम दादरी जैसे कांड का समर्थन नहीं करते।
हुगली में मुसलिम समुदाय के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि अगर आप मछली खाते हैं, तो आप बीफ भी खा सकते हैं और आपको कोई रोक नहीं सकता। अगले साल विधानसभा चुनावों के मद्देनजर ममता ने मुसलिम समुदाय के बीच पैठ बिठाने की पूरी कोशिश की।
उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि कभी शाहरुख को तो कभी आमिर को देश छोड़ने के लिए कहा जाता है, लेकिन हम क्यों अपना देश छोड़ें, यह देश हमारा भी तो है।