जिम्मेदारी से बचे सोनिया-राहुल, खड़गे को किया आगे
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काफी कशमकश के बाद आखिरकार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कर्नाटक के वरिष्ठ सांसद और पूर्व केंद्रीय रेलमंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे को कांग्रेस संसदीय दल का नेता बनाने का फैसला किया है।
सोनिया ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के इनकार के बाद ही खड़गे को ये जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया। खड़गे पार्टी के वरिष्ठ दलित नेता हैं और साफ छवि व गांधी परिवार के वफादार नेता माने जाते हैं।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद खड़गे मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए भी गांधी परिवार की पसंद माने जा रहे थे।
पूर्व रेलमंत्री हैं खड़गे
मगर स्थानीय विधायकों के झुकाव को देखते हुए पार्टी हाईकमान ने सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंप दी। पूर्ववर्ती यूपीए सरकार में भी खड़गे रेल मंत्री, श्रम मंत्री जैसे बड़ों पद पर रहे।
लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल का नेता बनने को लेकर राहुल गांधी पर बेहद दबाव था। दिग्विजय सिंह, शशि थरूर समेत कई नेताओं ने खुलकर उनको ये जिम्मेदारी सौंपने की वकालत की थी।
मगर, राहुल इस जिम्मेदारी को संभालने के लिए तैयार नहीं हो पा रहे थे।
अमर उजाला ने पिछले हफ्ते ही लिखा था कि राहुल इसके लिए तैयार नहीं हैं। खड़गे को जिम्मेदारी सौंपने के साथ ही मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से सांसद कमलनाथ का पत्ता भी कट गया है।
कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ और लगातार नौ बार से सांसद होने के नाते उनका नाम काफी चर्चा में था।
सोनिया-राहुल ने खींचे हाथ
उन्हें सरकार की ओर से प्रोटेम स्पीकर भी बनाया गया है। मगर पार्टी के अंदर कई नेता उनको ये जिम्मेदारी देने के लिए तैयार नहीं थे। वहीं, कांग्रेस हाईकमान भी ऐसा नेता चाह रहा था, जिस पर उसका पूरा नियंत्रण हो।
इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए खड़गे ही इस पद के लिए सबसे फिट बैठे। कई नेता सोनिया गांधी को भी ये जिम्मेदारी देने की पैरवी कर रहे थे। कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने सोमवार को उनके नाम का ऐलान कर दिया।
द्विवेदी ने कहा कि 24 मई को पार्टी संसदीय दल की बैठक में सोनिया गांधी को संसदीय दल का अध्यक्ष चुना गया था। पार्टी के संविधान के अनुसार, संसदीय दल के अध्यक्ष को लोकसभा और राज्यसभा में पार्टी का नेता चुनने का अधिकार होता है।
द्विवेदी ने बताया कि राज्यसभा में पार्टी के नेता को जल्द चुन लिया जाएगा। राज्यसभा में पार्टी के नेता पद की दौड़ में कर्ण सिंह, एके एंटनी, जनार्दन द्विवेदी और दिग्विजय सिंह के नामों पर गौर किया जा रहा है।