सईद की गिरफ्तारी पर गुमराह कर गए मलिक
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संसद के दोनों सदनों में मलिक की यात्रा पर उठाए गए ऐतराज के मद्देनजर बयान देते हुए शिंदे ने कहा कि गृह मंत्रालय का प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह पाकिस्तान जाएगा। ताकि मुंबई हमलों को लेकर पाकिस्तानी न्यायिक आयोग शीघ्र भारत आ सके। उन्होंने कहा कि जनवरी में अदालत के खुलने पर पाक आयोग यहां आ सकता है। शिंदे ने संसद के दोनों सदनों में दावा किया कि वे मलिक पर सईद समेत मुंबई हमलों के सभी दोषियों तथा अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए लगातार दबाव बनाते रहे।
शिंदे ने अप्रत्यक्ष तौर पर यही कहा कि पाकिस्तान ने सईद की गिरफ्तारी को लेकर भारत को गुमराह किया। पाकिस्तान लगातार कहता रहा कि सईद को तीन बार गिरफ्तार किया गया, लेकिन अदालत ने सबूतों के अभाव में उसे छोड़ दिया। गृहमंत्री ने कहा कि मलिक से जब इस बारे में कागजात मांगे गए तो उन्होंने सईद की 2002 और 2009 में की गई गिरफ्तारी से संबंधित कागजात उपलब्ध कराए। इन दस्तावेजों से साफ है कि सईद की गिरफ्तारी मुंबई हमलों के बजाय दूसरे मामलों में की गई थी। शिंदे ने हालांकि मलिक का खुद ही बचाव भी कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि मलिक को इस मामले में गलत जानकारी दी गई।
दाऊद को लेकर शिंदे ने बताया कि मलिक से कहा गया कि अमेरिका ने उसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया है। दाऊद के नेटवर्क वाली डी कंपनी के संचालक अभी भी गिरफ्तारी से बचे हुए हैं। इसलिए इन भगोड़ों की गिरफ्तारी के लिए पाकिस्तान को पूरा सहयोग करना चाहिए। शिंदे ने अपने बयान में विस्तार से बताया कि उन्होंने मलिक के साथ कौन-कौन से मुद्दे उठाए। जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से होने वाली घुसपैठ रोकने तथा पाक अधिकृत कश्मीर में चल रहे आतंकी शिविरों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। शिंदे ने कहा कि इस बातचीत के बाद अब 2013 की प्रथम तिमाही में गृह सचिवों की बैठक आयोजित कराने का प्रयास किया जाएगा।
मलिक ने गलत जानकारी दी थी। सईद को कभी भी मुंबई हमलों के संबंध में गिरफ्तार नहीं किया गया, उसकी गिरफ्तारी अन्य मामलों में हुई थी। यह बात पाक से मिले दस्तावेजों से साफ है।
सुशील कुमार शिंदे, गृह मंत्री