फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   male doctor stopped to treatment, schoolgirl dead

अजब कानून! पुरुष डॉक्टर को इलाज से रोका, छात्रा की मौत

Sat, 08 Feb 2014 08:00 AM IST
Updated Sat, 08 Feb 2014 08:00 AM IST
विज्ञापन
male doctor stopped to treatment, schoolgirl dead

सऊदी अरब में पुरुष डॉक्टर को इलाज की अनुमति न देने से छात्रा की मौत हो गई। इस घटना से वहां के लोगों में जबर्दस्त गुस्सा है। वहां के लोग सोशल साइटों पर गुस्से का इजहार कर रहे हैं।

विज्ञापन


यह घटना राजधानी रियाद स्थित यूनिवर्सिटी की है। एक रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को यूनिवर्सिटी कैंपस में एक छात्रा को दिल का दौरा पड़ा, वहां महिला डॉक्टर उपलब्ध नहीं थी।
विज्ञापन


यूनिवर्सिटी के स्टाफ ने पुरुष डॉक्टर को कैंपस के भीतर जाकर छात्रा के इलाज की अनुमति नहीं दी। जिससे छात्रा की उपचार न मिलने के कारण मौत हो गई।

यूनिवर्सिटी में सिर्फ महिलाओं को ही प्रवेश

male doctor stopped to treatment, schoolgirl dead

रिपोर्ट के अनुसार यूनिवर्सिटी परिसर में सिर्फ महिलाओं को ही प्रवेश की इजाजत है। द ओकज अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक किंग साऊद यूनिवर्सिटी ने पुरुष डॉक्टर द्वारा छात्रा का जीवन बचाने के प्रयास को बाधित किया।

हालांकि यूनिवर्सिटी के रेक्टर (प्राचार्य) बदरान अल-ओमर ने इस रिपोर्ट का खंडन किया है। उन्होंने कहा है कि यूनिवर्सिटी कैंपस में डॉक्टर को प्रवेश की अनुमति देने में कोई गलती नहीं की गई, छात्रा का जीवन बचाने के हर संभव प्रयास किए गए।

प्रोफेसरों ने की घटना की जांच की मांग

male doctor stopped to treatment, schoolgirl dead

रिपोर्ट में छात्रा की पहचान अमना बावजीर के रूप में की गई है। अल-ओमर ने कहा कि घटना के बाद बावजीर के पिता से मुलाकात की तो उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को हार्ट की बीमारी थी।

यूनिवर्सिटी के रेक्टर ने कहा कि बावजीर को अचानक दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गई। यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों ने इस घटना की जांच की मांग की है।

विज्ञापन

सोशल साइटों पर छिड़ी बहस

male doctor stopped to treatment, schoolgirl dead

ट्विटर समेत तमाम सोशल साइटों पर इस घटना को लेकर बहस छिड़ गई है। सऊदी अरब के लोगों का कहना है कि इस घटना पर बहस की जरूरत है। कुछ लोगों ने कहा है कि सऊदी में पुरुष और महिलाओं के बीच भेद करने वाले सख्त नियम हैं इसीलिए बावजीर की मौत हुई।

सऊदी अरब के स्कूलों और यूनिवर्सिटियों में पुरुष और महिला सेक्स के आधार पर बांटने वाले नियम सख्ती से लागू हैं। छात्राओं को बैठने के लिए अलग व्यवस्था होती है। यहां रेस्तरां और कैफे में अलग फैमली सेक्शन होता है, जहां पुरुष को बैठने की अनुमति नहीं होती।

सख्ती के चलते हुआ था बड़ा हादसा

male doctor stopped to treatment, schoolgirl dead

वर्ष 2002 में मक्का के एक स्कूल में आग लग गई, वहां धार्मिक पुलिस ने छात्राओं को स्कूल की इमारत से सिर्फ इसलिए बाहर नहीं निकलने दिया क्योंकि उन्होंने पारंपरिक काला स्कार्फ नहीं पहन रखा था।

मानवाधिकार संगठनों के अनुसार इस घटना में इमारत के अंदर ही 15 छात्राओं की आग में झुलस कर मौत हो गई थी। हालांकि धार्मिक पुलिस ने छात्राओं को बाहर निकलने से रोके जाने से इनकार किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed