'इंदिरा चाहतीं थीं प्रियंका राजनीति में आएं'
दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी चाहती थीं कि प्रियंका एक दिन राजनीति में आएं। बचपन में ही प्रियंका के राजनीतिक कौशल को देखते हुए उन्होंने यह बात कही थी।
गांधी परिवार के सबसे करीबियों में शामिल वरिष्ठ कांग्रेस नेता माखन लाल फोतेदार ने ‘अमर उजाला’ से कहा कि इंदिरा ने यह बात उन्हें एक निजी बातचीत के दौरान कही थी। गांधी परिवार से जुड़े ऐसे कई अनछुए पहलुओं को फोतेदार अपनी किताब में समेट रहे हैं। नए साल की शुरुआत में उनकी किताब ‘द चिनार लीव्स’ आ सकती है।
लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा चुनावों में सिलसिलेवार हार का सामना कर रही कांग्रेस में आंतरिक संकट की स्थिति है। पार्टी में एक बड़ा धड़ा राहुल के काम के अंदाज के सख्त खिलाफ है।
यह धड़ा पर्दे के पीछे से प्रियंका को राहुल के समकक्ष खड़ा करने की लगातार कोशिश कर रहा है। ऐसे में गांधी परिवार के सबसे नजदीकी माने जाने वाले फोतेदार के राहुल बनाम प्रियंका की बहस को गरमाने से कांग्रेस का संकट बढ़ सकता है।
अगले साल के शुरू में आएगी 'द चिनार लीव्स'
फोतेदार ने कहा कि वह अपनी किताब में खुलकर बताएंगे कि आखिर किन परिस्थितियों में सोनिया गांधी को राजनीति में आना पड़ा। किताब में नरसिम्हा राव के समय कांग्रेस पार्टी की आंतरिक राजनीति समेत तमाम मुद्दों को उजागर किया गया है।
किताब में लिखी बातों से क्या गांधी परिवार असहज नहीं होगा? इस पर फोतेदार ने कहा कि वह गांधी परिवार के वफादार हैं और रहेंगे। प्रियंका गांधी की राजनीतिक कौशल की सराहना फोतेदार के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव जनार्दन द्विवेदी भी कर चुके हैं। इन दोनों के अलावा कैप्टन अमरिंदर सिंह, ऑस्कर फर्नांडिस, दिग्विजय सिंह और अनिल शास्त्री जैसे कई दिग्गज नेता भी प्रियंका की पैरवी कर चुके हैं।
प्रियंका में इंदिरा की झलक दिखती है
फोतेदार ने कहा, प्रियंका को सिर्फ कांग्रेस ही नहीं देश चाहता है। लोग चाहते हैं और यह समय की मांग है। उन्होंने कहा कि प्रियंका में इंदिरा की झलक दिखती है। राहुल से उनकी तुलना के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सवाल पैदा नहीं होता। राहुल अपने स्तर पर पार्टी को मजबूत कर रहे हैं।
स्वार्थी लोगों का किया विरोध
राहुल गांधी को कमान सौंपने की दिग्विजय सिंह की बात का विरोध करने की वजह बताते हुए फोतेदार ने कहा कि ये सब बातें पार्टी को संकट में डालने के लिए कही जा रही हैं और कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए ऐसी बात कर रहे हैं।