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मोदी मंत्रः पहले शौचालय, फिर देवालय
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 03 Oct 2013 02:09 PM IST
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भाजपा चुनाव से पहले पहले राम-राम जपने लगती है, लेकिन पार्टी के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी ने देवालय से पहले शौचालय बनाने की बात कही।
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युवाओं को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहले शौचालय बनने चाहिए और मंदिर बाद में। हिंदुत्ववादी नेता की छवि होने के बावजूद भी उनमें यह कहने की हिम्मत है।
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मोदी बुधवार को दिल्ली के त्यागराज स्पोर्ट्स कंप्लेक्स में सिटिजन फॉर एकाउंटेबल गवर्नेंस (सीएजी) की तरफ से आयोजित मंथन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
तस्वीरों में: नौजवानों के बीच मोदी की बल्ले-बल्ले
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कार्यक्रम में आईआईटी, आईआईएम, एम्स, लॉ कबु, डीयू समेत करीब 700 कॉलेजों से आए हजारों छात्रों ने भाग लिया। मौके पर 14 सबसे बड़ी समस्याओं पर चर्चा की गई।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें हिंदुत्वावादी नेता कहा जाता है। उनकी छवि उन्हें ऐसा कहने नहीं देगी लेकिन उन्हें यह कहने का साहस है। उनकी सोच है कि पहले शौचालय, फिर देवालय। उनके इस बयान पर विवाद भी हो सकता है।
कंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयरमा रमेश भी मंदिरों से ज्यादा शौचालयों की जरूरत पर बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि देशो को शौचालयों की ज्यादा जरूरत है। उनके बयान पर विवाद भी खड़ा हो गया था।
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मोदी ने विकास का नारा देते हुए कहा कि गांवों में मंदिरों पर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं लकिन वहां शौचालय नहीं हैं। 21वीं सदी में भी देश की महिलाओं को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि वास्तविक नेता वह होता है जिसमें सभी समस्याओं को संभालने की क्षमता और आगे बढ़ने का नेतृत्व करने का गुण हो।
धर्मनिरपेक्षता का मतलब बताया
सांप्रदायिक दल के नेता की छवि वाले नरेंद्र मोदी ने देश के युवा वोटरों को सेक्युलरिज्म की अपनी परिभाषा भी बताई। उन्होंने कहा कि सेक्युलरिज्म का मतलब है, देश पहले, भारत पहले। सभी के लिए न्याय, किसी का तुष्टिकरण नहीं। वोटों की राजनीति नहीं, गरीब आदमी गरीब ही है, यह गैरजरूरी है कि वह कहां पूजा करता है।
नरेंद्र मोदी के इस बयान से पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ धर्मनिरपेक्ष दलों से एकजुट होने की अपील की थी।
सुनाई चाय बेचने की कहानी
युवाओं को राजनीति में आने के लिए प्रेरित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा, 'युवाओं को खुद पर भरोसा होना चाहिए। मेरे परिवार में किसी को पॉलिटिक्स का 'पी' भी नहीं मालूम, मैं बचपन में ट्रेन में चाय बेचता था और आज आपके सामने खड़ा हूं। इसलिए यह सोचना छोड़ दीजिए कि आप कहां से आए हैं, चलना शुरू कीजिए, मंजिल मिल जाएगी।'
मोदी इससे पहले अपनी दिल्ली की रैली में भी ट्रेन में चाय बेचने का किस्सा सुना चुके हैं। तब भाजपा की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा था कि भाजपा में रहते हुए वह चाय बेचने वाले से यहां तक पहुंच गए।
मोदी की जमकर तारीफ
इस मौके पर टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि युवाओं के उत्साह को देखकर लगता है कि भारत जल्द ही सुपर पावर बनेगा। चीन से तुलना करते हुए कहा कि भारत में 25 प्रतिशत युवा 18-25 वर्ष के उम्र के है जबकि चीन में 19 फीसदी ही युवा हैं।
इस मौके पर उन्होंने नरेंद्र मोदी की खूब तारीफ की साथ ही कहा कि एनडीए के राज में देश की आर्थिक विकास दर आज से काफी बेहतर थी। वहीं राज्य सभा में नेता विपक्ष अरुण जेटली ने युवाओं के राजनीति में आगे आने की वकालत की। जबकि भाजपा प्रवक्ता सीता रमन्ना ने कहा कि सोशल मीडिया युवाओं को जागरूक करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है।
ऑनलाइन वर्ल्ड में युवाओं का समूह है कैग
कैग, ऑन लाइन वर्ल्ड में सक्रिय युवाओं का एक समूह है। इस समूह ने इसी साल जुलाई में गांधी नगर में एक युवा सम्मेलन का आयोजन किया था। इसमें पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम व नरेंद्र मोदी ने शिरकत की थी। इसके लिए कैग ने देश की 14 ज्वलंत समस्याओं की पहचान की थी।
इसके अलावा मोदी ने 14 चयनित मुद्दों, सभी के लिए प्राथमिक चिकित्सा सुविधा, कुपोषण का खत्मा, रोजगार, शहरी क्षेत्र में विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाएं, क्लीयर इंडिया: खुले में शौचालय से मुक्ति, समय पर इंसाफ, भ्रष्टाचारमुक्त पीडीएस प्रणाली, पूर्वोत्तर का विकास, प्राथमिक शिक्षा, व्हिसल ब्लोअर की नियुक्ति, रिसर्च एंड इनोवेशन को बढ़ावा, समानता के लिए महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा, चुनाव सुधार और कृषि विकास पर भी अपनी राय जाहिर की।