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अगले सौ साल तक नहीं होगी 14 जनवरी को मकर संक्रांति

Wed, 14 Jan 2015 10:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली Updated Wed, 14 Jan 2015 10:12 AM IST
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makar sankranti will be celebrated on fifteenth january.

14 जनवरी को मकर संक्रांति अब अगले सौ साल तक नहीं होगी। पूरे सौ साल यह पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। सूर्य की गति में प्रति सौर वर्ष कुछ मिनट की वृद्धि से सदी का यह परिवर्तन इस साल से होने जा रहा है। इस लिहाज से यह मकर संक्रांति दुर्लभ है।

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बता दें कि सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश पर हर साल मकर संक्रांति होती है। इस 14 जनवरी को सूर्य शाम 7 बजकर 20 मिनट पर मकर में प्रवेश कर रहे हैं, चूंकि तब तक सूर्य अस्त हो जाएंगे, ऐसे में सारे ज्योतिष इस साल यह पर्व 14 के बजाय 15 जनवरी को मनाने पर सहमत हुए हैं। ज्योतिषाचार्य और खगोलविद डॉ. बीके शर्मा कहते हैं कि ऐसा इसलिए क्योंकि मकर संक्रांति सूर्य से जुड़ा पर्व है और संक्रांतिकाल में उस शाम को जब सूर्य अस्त होंगे तो उस दिन इस पर्व का औचित्य ही नहीं रहेगा इसलिए इसे अगले दिन सूर्य उदयकाल से माने जाने का विधान शास्त्रों में भी है।
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काशी के सर्वमान्य महावीर पंचांग के संपादक रामेश्वर नाथ ओझा के अनुसार, विकला खगोलीय काल गणना की सूक्ष्म इकाई बढ़ रही है। इसके कारण अयनांश में वृद्धि हो रही, इसलिए इस खगोलीय गणना के अनुसार, अब आने वाले वर्षों में मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को ही होगा। ओझा के मुताबिक, अयनांश सूर्य की गति की खगोलीय स्थिति है। इसमें वृद्धि के कारण सूर्य की संक्रांति में अंतर आएगा। पंचांग में दो सौ साल पहले मकर संक्रांति 12 जनवरी को हुआ करती थी।
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ऐसे हुआ परिवर्तन

makar sankranti will be celebrated on fifteenth january.

डॉ. शर्मा बताते हैं कि सौर ग्रह में सूर्य, चंद्र और पृथ्वी की गति होती है। सूर्य भी कुछ अंश गतिशील होता रहता है। यह गति इतनी कम है कि उसे 24 घंटे आगे जाने में पूरी एक सदी लग जाएगी। पिछले साल तक सूर्य का धनु से मकर में प्रवेश 14 जनवरी को अस्त होने के काफी पहले हो जाया करता था लेकिन इस साल यह अस्त होने के बाद हो रहा है।

बन रहा पांच बार 15 का संयोग
21 वीं सदी के 15 वें वर्ष की 15 तारीख को 15 वें नक्षत्र स्वाति और 15 मुहूर्त तिथि होगी। ज्योतिषी पंडित रामनरेश मिश्र के अनुसार, 15 का मूलांक 6 है और 6 अंक का स्वामी शुक्र है जो सुंदरता, प्राकृतिक सौंदर्य और चकाचौंध का परिचायक है इसलिए यह वर्ष उन्नति का रहेगा।

खरमास खत्म, शुरू होंगे शुभ कार्य
सूर्य के धनु में बैठे होने के कारण 16 दिसंबर से खरमास चल रहा है। 15 जनवरी को सूर्य के उत्तरायण होते ही खरमास खत्म हो जाएगा। आचार्य मुकेश मिश्रा ने बताया कि इसी के साथ महीने भर से निषिद्ध शादी समारोह और अन्य शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे।

मकर संक्रांति के स्नान-दान का पुण्यकाल 15 को
सूर्य 14 जनवरी को मकर राशि में सूर्य अस्त होने के बाद प्रवेश करेंगे, इसलिए सभी विद्वान इस बात पर एकमत है कि  स्नान, दान का पुण्यकाल 15 जनवरी की सुबह शुरू होगा। तिथि समाधान के ग्रंथ निर्णय सिंधु के मुताबिक, गंगा में पुण्य की डुबकी लगाने का फल बृहस्पतिवार को ही मिलेगा। काशी समेत पूर्वांचल में प्रचलित महावीर पंचांग और गणेश आपा पंचांग में 14 जनवरी की रात क्रमश: 1:20 और 12:34 पर मकर संक्रांति लग रही है। पश्चिमी यूपी के मारतंड पंचांग में संक्रांति शाम को 7:27 पर और ब्रजभूमि पंचांग में 7:26 पर लग रही है। ऐसे में काशी के ज्योतिषियों ने 15 जनवरी को ही पुण्य की डुबकी लगाने की घोषणा की है।

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