नेस्ले को राहत: विदेश में निर्यात की मिली अनुमति
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मैगी पर देशभर में पाबंदी के बाद अड़चन में आई मैगी कंपनी को बांबे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने नेस्ले कंपनी की इस मांग को मंजूर कर लिया है कि मैगी के जो पैकेट बाजार से वापस लिए है, उसे विदेश में निर्यात कर सकती है। इससे भारत में बनाई जाने वाली मैगी को विदेश में बेचने का रास्ता साफ हो गया है।
महाराष्ट्र, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में मैगी नूडल्स में हानिकारक तत्व पाए जाने के बाद उसकी विक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
उसके बाद इसका उत्पादन करने वाली नेस्ले कंपनी की ओर से बांबे हाईकोर्ट में पाबंदी हटाने के लिए याचिका दायर की गई थी। मंगलवार को नेस्ले इंडिया की याचिका पर न्यायमूर्ति विद्यासागर कानडे और न्यायमूर्ति बी.पी.कुलाबावाला की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की।
अब तक हजारों करोड़ पैकेट किए जा चुके हैं नष्ट
नेस्ले कंपनी के वकील ने दलील की दी कि बाजार से मैगी को वापस लेने की प्रक्रिया जारी है। अब तक हजारो करोड़ रूपए के मैगी उत्पाद को नष्ट किया जा चुका है लेकिन सारे उत्पाद को नष्ट करने में अभी काफी वक्त लगेगा।
इस दौरान फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथारिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) के वकील ने कहा कि यदि कंपनी को लगता है कि उसका उत्पाद अच्छा है तो उसे विदेश निर्यात करे।
उसके बाद नेस्ले इंडिया के वकील ने अदालत से दरख्वास्त की कि कंपनी को मैगी नूडल्स उत्पाद निर्यात की अनुमति दी जाए जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी और महाधिवक्ता दरायस खंभाटा सरकार की ओर से अपनी दलीलें पेश करेंगे।