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SC ने 15 की फांसी को उम्रकैद में बदला

Tue, 21 Jan 2014 03:37 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 21 Jan 2014 03:37 PM IST
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major decision of the supreme court

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका की सुनवाई में देरी के कारण 15 कैदियों की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया है।

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अदालत ने विभिन्न मामलों मे जेल में बंद जिन 15 कैदियों की फाँसी की सजा उम्रकैद में बदली गयी है उनमें पूर्व चंदन तस्कर वीरप्पन के चार साथी भी शामिल हैं।


अदालत ने 13 आरोपियों की सजा राष्ट्रपति की ओर से हुई देरी के कारण कम कर दी जबकि दो अन्य आरोपियों की सजा मानसिक रूप से विक्षिप्त होने के कारण कम की गई।

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उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पी. सदाशिवम् की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि अत्यधिक तथा बेवजह देरी यातना का एक कारक है। चाहे दोषी आतंकवादी हो या एक आम अपराधी।
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देरी फांसी की सजा को उम्र कैद में बदलने का एक आधार है। आज के फैसले से अदालत ने देविंदर पाल सिंह भुल्लर मामले में दिए गए अपने ही उस फैसले को पलट दिया है जिसमें कहा गया था कि दया याचिका की सुनवाई में देरी फाँसी की सजा को उम्रकैद में बदलने का आधार नहीं हो सकती।


इसके साथ ही अदालत ने कहा कि मानसिक रोग से पीड़ित किसी व्यक्ति को फाँसी नहीं दी जा सकती। अदालत के इस फैसले का असर राजीव गांधी की हत्या के मामले में फाँसी की सजा पाए तमिलनाडु के तीन कैदियों की सजा पर भी होगा जिनकी दया याचिका राष्ट्रपति ने 11 साल की देरी के बाद वर्ष 2011 में खारिज कर दी थी।

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