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केजरीवाल ने मैत्रेयी पुष्पा को क्यों दी कुर्सी, यह रही वजह!

Thu, 30 Jan 2014 09:16 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 30 Jan 2014 09:16 PM IST
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Maitrayi pushpa praise arvind kejriwal on facebook

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष पद के लिए एक तरफ जहां दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और बरखा सिंह आमने-सामने हैं, वहीं सोशल मीडिया में मैत्रेयी पुष्पा के नाम की सिफारिश करने को लेकर एक नई जंग छिड़ गई है।

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दरअसल सोशल मीडिया में मैत्रेयी पुष्पा के कुछ पुराने पोस्ट को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। मैत्रेयी पुष्पा ने अपने ऑफिशियल एकाउंट से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तारीफ में कई स्टेटस अपलोड किए थे।
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अपने इन स्टेटस में मैत्रेयी पुष्पा मुखरता के साथ अरविंद केजरीवाल के समर्थन में दिख रही हैं। मैत्रेयी पुष्पा ने केजरीवाल की नई राजनीति से लेकर सत्ता में आने के बाद उठाए गए कदमों की खूब तारीफ की है।
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यहां तक की गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या से पहले देश के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा केजरीवाल पर की गईं टिप्पणियों पर मैत्रेयी पुष्पा ने असहमति दर्ज करते हुए केजरीवाल का पक्ष लिया।

अब सोशल मीडिया में इन्हीं पोस्ट को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि कहीं मैत्रेयी पुष्पा का यह आम आदमी पार्टी प्रेम ही तो उन्हें अध्यक्ष पद की कुर्सी तक नहीं ले जा रहा।


मैत्रेयी पुष्पा ने दिया जवाब
सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा में जब ये सवाल उठाए गए तो मैत्रेयी पुष्पा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 'आप सब मेरे फेसबुक के मित्र हैं, मेरी साधारण सी पोस्ट जोड़कर कैसा तोड़ निकाला है! आप को शाबाशी ही दे सकती हूं।'

अपने इस जवाब के जरिए मैत्रेयी पुष्पा ने बेशक अपना पक्ष रख दिया हो, लेकिन सोशल मीडिया में आम आदमी पार्टी के इस फैसले को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।


मैत्रेयी पुष्पा द्वारा अपने फेसबुक पेज पर जनवरी में किए गए कुछ पोस्ट

दूर देश से कोई सपेरा आया , गीत क्या लाया
लिया मन छीन रे...
मीठी मीठी जादू की बजाये कोई बीन रे...’ (2 जनवरी, 2014)

---- ‘अगर केजरीवाल के कार्य कलाप गलत हैं तो ज्यादातर राजनैतिक पार्टियां उनके किये का अनुसरण क्यों करती चली जा रही हैं ?’ (21 जनवरी, 2014 )

---- ‘महामहिम उवाच : (26 जनवरी )
"जो लोग मतदाताओं का भरोसा चाहते हैं उन्हें केवल वही वादा करना चाहिए जो सम्भव है "
क्या वह वादा नहीं करना चाहिए जो राज सत्ता ने असम्भव बना दिया है , अकल्पनीय कर दिया है.…’

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