फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Mainpuri: two Kashmiri youth caught railway station.

मैनपुरी: रेलवे स्टेशन से पकड़े गए दो कश्मीरी युवक

Wed, 30 Dec 2015 01:58 AM IST
Updated Wed, 30 Dec 2015 01:58 AM IST
विज्ञापन
Mainpuri: two Kashmiri youth caught railway station.

मैनपुरी में मंगलवार की सुबह जीआरपी ने रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान संदेह होने पर दो कश्मीरी युवकों को हिरासत में ले लिया।

विज्ञापन


पूछताछ में इन्होंने बताया कि वह भीख मांगते हैं, तलाशी ली गई तो इनके पास 50 हजार रुपये, एक वोडाफोन की सिम और मतदाता पहचान पत्र मिले। दोनों ने खुद को पुंछ का रहने वाला बताया। सूचना पर सीओ सिटी और खुफिया एजेंसियां भी पहुंच गई और दिन भर इनसे पूछताछ की गई।

मैनपुरी पुलिस ने पुंछ पुलिस से इनके बारे में जानकारी की और वहां से इनका कोई कोई आपराधिक रिकार्ड न मिलने पर छोड़ दिया गया।

पकड़े गए कश्मीरी युवक लियाकत हुसैन व नजाकत हुसैन निवासी ग्राम बोडा बछाई, थाना सरनकोट, जिला पुंछ जम्मू कश्मीर है और दोनों आपस में सगे भाई हैं। थानाध्यक्ष जीआरपी मंगलवार सुबह रेलवे स्टेशन पर चेकिंग करा रहे थे, तभी उन्होंने इनसे भी पूछताछ की।

विज्ञापन

तलाशी में पचास हजार रुपये मिलने से हुआ संदेह

Mainpuri: two Kashmiri youth caught railway station.

सही जवाब न मिलने पर वह इन्हें अपने साथ थाने पर ले गए और तलाशी ली। सूचना पर सीओ सिटी शैलेंद्र लाल भी पहुंच गए। लियाकत हुसैन व नजाकत हुसैन ने बताया कि वह तीन माह पहले घर से निकले थे। अलग-अलग जिलों में रुककर भीख मांगते थे।

एक जिले में वह दो दिन से अधिक नहीं रुकते हैं। वह पहले लुधियाना पहुंचे और वहां से चंडीगढ़ पहुंचकर एक मदरसे में रुके थे। उसके बाद गाजियाबाद के गांव इस्लामनगर, वहां से बुलंदशहर, सहसवान, बदायूं, गंजडुंडवारा (कासगंज) से कन्नौज पहुंचे।

कन्नौज में समधन, गुरुसहायगंज छिबरामऊ में मदरसे में रुके। सोमवार को भोगांव पहुंचे, वहां से रात में मैनपुरी पहुंचे। मंगलवार को वह ट्रेन से आगरा जा रहे थे। बरामद नकदी के बारे में बताया कि भीख मांग कर यह रकम एकत्र है।

एसपी मैनपुरी राकेश शंकर ने बताया कि दोनों के भीख मांगकर ही अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करने की बात सही साबित हो रहा है। मतदाता पहचान पत्र भी सही मिले हैं। सरनकोट थाने से भी दोनों का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है, अब इन्हें छोड़ा जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed